साल 2031 तक नोएडा होगा प्रदूषण मुक्त, AQI में 60 फीसदी तक कमी लाने का लक्ष्य, पांच साल की कार्ययोजना तैयार

top-news
नोएडा प्राधिकरण ने वर्ष 2031 तक वायु प्रदूषण में बड़ी कमी लाने के लिए पांच साल की कार्ययोजना तैयार की है। योजना में डस्ट कंट्रोल, स्मॉग गन, कचरा निस्तारण और अन्य उपाय शामिल हैं, जिसके लिए केंद्र से बड़े फंड की उम्मीद जताई जा रही है।

नोएडा को आने वाले वर्षों में प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। शहर की हवा को साफ करने और प्रदूषण के स्तर में बड़ी कमी लाने के उद्देश्य से पांच साल की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसे जल्द ही उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को भेजा जाएगा। वहां से प्रस्ताव वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को भेजा जाएगा। इस योजना का लक्ष्य वर्ष 2031 तक शहर के एयर क्वालिटी इंडेक्स में 40 से 60 प्रतिशत तक सुधार लाना है। इसके लिए जरूरी संसाधनों और बजट का भी खाका तैयार कर लिया गया है और केंद्र सरकार से बड़े फंड की उम्मीद जताई जा रही है।


सर्दियों में बढ़ती समस्या, दीर्घकालिक समाधान पर फोकस
नोएडा सहित पूरे दिल्ली-एनसीआर में हर साल सर्दियों के मौसम में प्रदूषण गंभीर समस्या बन जाता है। कई दिनों तक हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच जाती है और लोगों को सांस लेने में तकलीफ तक होने लगती है। कई मौकों पर AQI का स्तर 500 के आसपास तक पहुंच जाता है, जिससे स्कूलों, दफ्तरों और आम जनजीवन पर असर पड़ता है। इसी चुनौती को देखते हुए प्राधिकरण ने अल्पकालिक उपायों की बजाय स्थायी और प्रभावी समाधान पर जोर दिया है। योजना में खासतौर पर पीएम-2.5 और पीएम-10 जैसे खतरनाक कणों को कम करने के लिए ठोस कदम शामिल किए गए हैं ताकि आने वाले वर्षों में शहर की हवा साफ हो सके और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत मिल सके।


योजना में शामिल कई ठोस कदम, संसाधनों की भी तैयारी
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, कार्ययोजना में कई स्तरों पर काम किया जाएगा। सड़कों को डस्ट-फ्री बनाने, एंटी स्मॉग गन की तैनाती, मैकेनिकल स्वीपिंग, डीजल जनरेटर सेट पर नियंत्रण और रोड डस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण जैसे उपायों को लागू किया जाएगा। इसके साथ ही लिगेसी वेस्ट के निपटारे, पार्किंग प्रबंधन, जागरूकता अभियान और अधिकारियों-कर्मचारियों की ट्रेनिंग जैसे कदम भी शामिल हैं। इन सभी योजनाओं को लागू करने के लिए केंद्र सरकार से 100 से 1000 करोड़ रुपये तक का फंड मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे अगले पांच वर्षों में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट जमीन पर उतर सकेंगे।


एनसीएपी फंड के उपयोग के बाद नए बजट की उम्मीद
वायु प्रदूषण कम करने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत पिछले वित्तीय वर्ष में नोएडा प्राधिकरण को करीब 55 करोड़ रुपये मिले थे। इनमें से लगभग 30 करोड़ रुपये संसाधन और उपकरणों पर खर्च किए जा चुके हैं, जबकि शेष राशि अगले दो महीनों में उपयोग करने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरा बजट खर्च होने के बाद मार्च के आसपास नए फंड की स्वीकृति मिलने की संभावना है, जिससे प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों को और तेज किया जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *