सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सुपरटेक बायर्स को राहत, अब NBCC पूरा करेगा सभी रुके प्रोजेक्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक के रुके प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की जिम्मेदारी एनबीसीसी को सौंपते हुए घर खरीदारों को बड़ी राहत दी है। फैसले से एनसीआर सहित कई शहरों के हजारों बायर्स को जल्द अपने फ्लैट मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक के हजारों घर खरीदारों को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए एनसीएलएटी के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें सरकारी कंपनी एनबीसीसी को सुपरटेक की रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस फैसले के बाद अब साफ हो गया है कि सुपरटेक के सभी 16 अटके प्रोजेक्ट्स का निर्माण कार्य एनबीसीसी ही पूरा करेगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि प्राधिकरणों का बकाया भुगतान तभी होगा जब घर खरीदारों को उनके फ्लैट और जरूरी सुविधाएं मिल जाएंगी।


अब एनबीसीसी पूरा करेगी 51 हजार फ्लैट, बायर्स को मिलेगी प्राथमिकता
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक सुपरटेक के अलग-अलग शहरों में फैले करीब 51 हजार फ्लैटों का निर्माण अब एनबीसीसी की निगरानी में पूरा होगा। इनमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गुरुग्राम, देहरादून और मेरठ जैसे शहरों की परियोजनाएं शामिल हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि पहले घर खरीदारों को उनका मकान मिलेगा, उसके बाद ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण को उनका बकाया भुगतान किया जाएगा। साथ ही परियोजनाओं में सड़क, बिजली, पानी और अन्य यूटिलिटी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी। इस फैसले से खासकर एनसीआर के हजारों परिवारों को राहत मिली है, जो लंबे समय से अपने घर के इंतजार में थे।


अन्य अदालतों को भी रोक, ताकि निर्माण में न आए कोई अड़चन
परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक और बड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि कोई भी अन्य ट्रिब्यूनल या हाई कोर्ट ऐसा आदेश पारित नहीं करेगा जिससे एनबीसीसी द्वारा चल रहे निर्माण कार्य में बाधा पैदा हो। कोर्ट का मानना है कि अलग-अलग जगहों पर चल रहे मुकदमों की वजह से निर्माण कार्य रुक जाता है और इसका नुकसान सीधे घर खरीदारों को उठाना पड़ता है। इसलिए अब सभी कानूनी विवादों के बावजूद निर्माण प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वर्षों से फंसे लोगों को जल्द उनका घर मिल सके।


एस्क्रो खाते से होगा खर्च, जल्द साइट पर दिख सकती है हलचल
निर्माण कार्य शुरू करने से पहले एक एस्क्रो खाता खोला जाएगा, जिसकी निगरानी एनबीसीसी और आईआरपी दोनों करेंगे। इसी खाते से निर्माण कार्य के लिए धन खर्च किया जाएगा, जिससे फंड के इस्तेमाल में पारदर्शिता बनी रहे। जानकारों का कहना है कि इस फैसले से रियल एस्टेट सेक्टर में भरोसा बढ़ेगा और अटके प्रोजेक्ट्स को नई गति मिलेगी। फैसले के बाद घर खरीदारों में खुशी का माहौल है और कई जगह लोग एक-दूसरे को बधाई देते नजर आ रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही रुकी हुई साइटों पर फिर से काम शुरू हो जाएगा।

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