नोएडा में प्लॉट ही प्लॉट, नई स्कीम लॉन्च, होटल से लेकर हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए सुनहरा मौका
- Shiv Kumar
- 06 Feb, 2026
नोएडा प्राधिकरण ने शहर में निवेश और विकास को बढ़ावा देने के लिए कॉर्पोरेट ऑफिस, होटल, कमर्शियल और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए नई प्लॉट स्कीम लॉन्च कर दी है। इस योजना के तहत 5 फरवरी से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक निवेशक व डेवलपर्स 26 फरवरी शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। सभी प्रमुख श्रेणियों के प्लॉटों का आवंटन ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। प्राधिकरण का मानना है कि इससे शहर में नए निवेश आएंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
कॉर्पोरेट ऑफिस के लिए सेक्टर-153 में खास प्लॉट
प्राधिकरण ने कॉर्पोरेट ऑफिस निर्माण के लिए कुल 10 प्लॉटों की योजना जारी की है, जिनमें से 9 प्लॉट 1000 वर्गमीटर और एक बड़ा प्लॉट 4002.62 वर्गमीटर का है। सभी प्लॉट सेक्टर-153 में स्थित हैं, जो तेजी से विकसित हो रहा कारोबारी क्षेत्र माना जा रहा है। इच्छुक कंपनियां और निवेशक प्राधिकरण की वेबसाइट पर 29,500 रुपये जमा कर पंजीकरण करा सकते हैं। इन प्लॉटों की कीमत लगभग 1.08 करोड़ रुपये से शुरू होकर 4.41 करोड़ रुपये तक तय की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से नोएडा में कॉर्पोरेट गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में ऑफिस स्पेस की मांग भी पूरी होगी।
कमर्शियल, होटल और धार्मिक स्थलों के लिए भी विकल्प खुले
कमर्शियल बिल्डरों के लिए छह बड़े प्लॉटों की स्कीम लाई गई है, जो सेक्टर-96, 98, 62, 108 और 132 में स्थित हैं। इनका आकार 22 हजार से 49 हजार वर्गमीटर तक है और इनका आवंटन ई-नीलामी से होगा। इसके अलावा छोटे कमर्शियल प्लॉट भी कई सेक्टरों में उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं होटल निर्माण के लिए सेक्टर-93बी, 105, 135 और 142 में छह प्लॉट उपलब्ध कराए गए हैं, जिनका आकार 2 हजार से 24 हजार वर्गमीटर तक है। होटल प्लॉटों का रिजर्व प्राइस 1.41 लाख से 1.83 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर तय किया गया है। धार्मिक उपयोग के लिए सेक्टर-15ए और 93बी में मंदिर निर्माण हेतु दो प्लॉट भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनका आवंटन साक्षात्कार प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा।
ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स से बढ़ेगी रिहायशी सुविधाएं
ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए सेक्टर-151 में जीएच-03 और जीएच-04 नाम से दो बड़े प्लॉट भी स्कीम में शामिल किए गए हैं। दोनों प्लॉट करीब 20 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल के हैं और इनका आवंटन भी ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा। प्राधिकरण का मानना है कि इससे शहर में नई रिहायशी परियोजनाओं को गति मिलेगी और आवास की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि यह योजना निवेशकों और डेवलपर्स दोनों के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकती है, जिससे नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को भी मजबूती मिलेगी।
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