यमुना एक्सप्रेस-वे के सेक्टर-33 में विकसित हो रहा टॉय पार्क, 154 में से 143 प्लॉट आवंटित
- Shiv Kumar
- 07 Feb, 2026
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास क्षेत्र के सेक्टर-33 में विकसित हो रहा टॉय पार्क अब तेजी से जमीन पर आकार लेता नजर आ रहा है। लगभग 100 एकड़ भूमि पर विकसित इस परियोजना में कुल 154 औद्योगिक भूखंड नियोजित किए गए हैं, जिनमें से 143 का आवंटन पूरा हो चुका है। इससे प्रदेश में औद्योगिक निवेश को लेकर बढ़ते भरोसे की तस्वीर साफ दिखाई दे रही है। सरकार का जोर केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि परियोजनाओं को समय पर जमीन पर उतारना भी प्राथमिकता में है। टॉय पार्क इसी सोच का परिणाम माना जा रहा है, जहां अब आवंटन के साथ-साथ निर्माण गतिविधियां भी तेज होती दिख रही हैं।
लीज प्रक्रिया में तेजी, निवेशकों को दिए जा रहे जरूरी निर्देश
यमुना प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक आवंटित 143 भूखंडों में से 124 निवेशकों ने अपने लीज प्लान जमा कर दिए हैं, जबकि 19 निवेशकों से अभी जरूरी दस्तावेज मिलने बाकी हैं। इन्हें जल्द प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि परियोजना समय पर आगे बढ़ सके। अब तक 120 निवेशकों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है और कुछ मामलों में प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि पारदर्शी और तेज प्रक्रियाओं के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। यही वजह है कि आवंटन के साथ लीज और निर्माण की प्रक्रिया भी लगातार आगे बढ़ रही है, जिससे परियोजना कागजों से निकलकर जमीन पर उतरती दिख रही है।
पजेशन मिलने से शुरू हुआ निर्माण, जमीन पर दिखने लगी हलचल
टॉय पार्क परियोजना में अब तक 108 निवेशकों के पक्ष में लीज डीड पूरी हो चुकी है, जबकि 76 निवेशकों को जमीन का विधिवत पजेशन भी मिल चुका है। इसका सीधा असर यह दिख रहा है कि कई इकाइयों ने अब निर्माण कार्य की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार 15 निवेशकों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं और चार इकाइयों में निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले महीनों में यहां निर्माण गतिविधियां और तेज होंगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। परियोजना को प्रदेश के औद्योगिक विस्तार की अहम कड़ी माना जा रहा है।
दूसरे चरण की तैयारी, टॉय इंडस्ट्री के लिए बनेगा बड़ा हब
टॉय पार्क के दूसरे चरण में शामिल 11 भूखंडों में से चार की जमीन उपलब्ध कराकर नई योजना में शामिल कर लिया गया है, जबकि बाकी जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। प्राधिकरण का लक्ष्य जल्द सभी भूखंड निवेशकों को उपलब्ध कराना है। इस पार्क में प्लास्टिक, लकड़ी, कपड़े, धातु और इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के निर्माण से जुड़ी इकाइयां स्थापित की जाएंगी। साथ ही कॉमन फैसिलिटी सेंटर, पैकेजिंग, टेस्टिंग, लॉजिस्टिक्स और डिजाइन सुविधाएं भी विकसित होंगी। इससे एमएसएमई और स्टार्टअप को भी नया प्लेटफॉर्म मिलेगा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र खिलौना उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में उभर सकता है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






