नोएडा के डूब क्षेत्र में अंधेरा, गांव वालों को आ गया गुस्सा, फिर ट्रैक्टर पर चढ़कर.. जानें पूरा अपडेट
- Shiv Kumar
- 10 Feb, 2026
नोएडा के डूब क्षेत्र की करीब 40 कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। भारतीय किसान परिषद के नेतृत्व में पैदल मार्च निकाला गया, जिसमें किसान, महिलाएं और स्थानीय निवासी शामिल हुए। प्रदर्शनकारी बैनर-पोस्टर और तिरंगा लेकर हरौला बारात घर से होते हुए सेक्टर-16 स्थित बिजली घर की ओर बढ़े, जहां अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की गई। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने पूरे रूट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि आम लोगों को ट्रैफिक जाम की परेशानी का सामना न करना पड़े।
लंबे समय से बिजली से वंचित कॉलोनियों का फूटा गुस्सा
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि डूब क्षेत्र में लाखों लोग वर्षों से स्थायी बिजली आपूर्ति से वंचित हैं, जबकि वे नियमित रूप से यहां रह रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने तो पहुंचते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाएं देने के समय पीछे हट जाते हैं। कई लोगों ने बताया कि वे 10 से ज्यादा बार प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। बिजली न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और छोटे व्यवसाय भी प्रभावित हो रहे हैं। लोगों ने कहा कि मजबूरी में अब सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
किसान परिषद ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखवीर खलीफा ने कहा कि यह ढाई लाख से ज्यादा लोगों की मूलभूत जरूरतों का सवाल है। उनका कहना है कि जब इलाके में रजिस्ट्री और अन्य सुविधाएं संभव हैं, तो बिजली आपूर्ति क्यों नहीं दी जा रही। परिषद ने साफ कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को लखनऊ और दिल्ली तक ले जाया जाएगा और जनप्रतिनिधियों का भी घेराव किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया है और मांगें पूरी होने तक पीछे न हटने का ऐलान किया है।
पुलिस ने संभाली व्यवस्था, ट्रैफिक प्रभावित होने से बचाया
किसानों और स्थानीय लोगों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए। एडीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों के साथ कई थानों की पुलिस और ट्रैफिक पुलिस मौके पर तैनात रही। डीएससी रोड और आसपास के इलाकों में पुलिस आगे-आगे चलकर भीड़ को नियंत्रित करती रही ताकि यातायात पूरी तरह प्रभावित न हो। ट्रैक्टरों और पैदल मार्च के कारण कुछ जगहों पर ट्रैफिक धीमा जरूर हुआ, लेकिन पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को निकालकर हालात संभाले। प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है।
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