यीडा को भूखंडों के अलॉटमेंट से मिले 106.11 करोड़ रुपये, 16 में से तीन प्लॉट एलॉट, बनेंगे 4 हजार से ज्यादा फ्लैट

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यमुना सिटी में ग्रुप हाउसिंग के तीन बड़े भूखंड आवंटित होने से चार हजार से अधिक फ्लैट बनने का रास्ता साफ हुआ है। नीलामी में आरक्षित कीमत से 106 करोड़ रुपये अधिक राजस्व मिला, जिससे क्षेत्र में आवासीय विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

यमुना सिटी में आवासीय विकास को नई रफ्तार देते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने ग्रुप हाउसिंग के तीन बड़े भूखंड आवंटित कर दिए हैं। इन प्लॉटों पर आने वाले समय में चार हजार से अधिक फ्लैट तैयार होने की संभावना है, जिससे क्षेत्र में रहने वालों के लिए नए आवास विकल्प खुलेंगे। प्राधिकरण को इन भूखंडों की नीलामी से आरक्षित कीमत के मुकाबले करीब 106 करोड़ रुपये अधिक राजस्व मिला है। अधिकारियों के मुताबिक, 2025 की ग्रुप हाउसिंग योजना के तहत कई प्लॉट निकाले गए थे, लेकिन तीन प्लॉटों पर सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धी बोली लगी और अंततः इन्हें आवंटित किया गया।


तीन प्लॉटों पर लगी कड़ी प्रतिस्पर्धा, बिल्डरों ने दिखाई दिलचस्पी

योजना के तहत कुल 16 भूखंडों के लिए आवेदन मांगे गए थे, मगर केवल तीन भूखंड ऐसे रहे, जिन पर दो से अधिक कंपनियों ने बोली लगाई। सेक्टर-18 के दो प्लॉट क्रमशः प्रोविंस डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड और एल्डिगो इंफ्रास्ट्रक्चर एंड प्रॉपर्टीज लिमिटेड को आवंटित किए गए। दोनों भूखंडों की आरक्षित कीमत लगभग 89 करोड़ रुपये थी, जबकि अंतिम बोली इससे काफी ऊपर जाकर क्रमशः 95.48 करोड़ और 104.70 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इससे साफ है कि यमुना सिटी क्षेत्र में रियल एस्टेट निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है और भविष्य में यहां बड़े पैमाने पर आवासीय परियोजनाएं विकसित हो सकती हैं।


सेक्टर-22डी का प्लॉट 78 प्रतिशत अधिक कीमत पर बिका

तीसरा और सबसे महंगा सौदा सेक्टर-22डी में हुआ, जहां करीब 20 हजार वर्गमीटर का भूखंड North Wind Estate को आवंटित किया गया। इस प्लॉट की आरक्षित कीमत 106.23 करोड़ रुपये रखी गई थी, लेकिन कंपनी ने 189.09 करोड़ रुपये की बोली लगाकर इसे अपने नाम कर लिया। यानी यह भूखंड आरक्षित कीमत से करीब 78 प्रतिशत अधिक दर पर बिका। इससे अकेले इस प्लॉट से ही 82 करोड़ रुपये से ज्यादा अतिरिक्त राजस्व मिला। कुल मिलाकर तीनों भूखंडों की आरक्षित कीमत 283 करोड़ रुपये थी, जबकि अंतिम बिक्री 389 करोड़ रुपये से अधिक में हुई।


आने वाले समय में बढ़ेगी आबादी और आवासीय मांग

अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के शुरू होने के बाद क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग बसेंगे और आसपास के इलाकों में बुनियादी सुविधाओं व व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा। ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं आने से रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और यमुना सिटी एक बड़े रिहायशी केंद्र के रूप में विकसित हो सकती है। प्राधिकरण को उम्मीद है कि आगे भी इसी तरह की योजनाओं में बिल्डरों की दिलचस्पी बनी रहेगी, जिससे राजस्व बढ़ेगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।

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