जेवर में पटवारी रिश्वत लेते कैमरे में कैद, जमीनी कार्यों के लिए वसूली का वीडियो वायरल, मचा हड़कंप

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ग्रेटर नोएडा के जेवर में पटवारी की तरफ से जमीनी कार्यों के बदले रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। किसानों ने लंबे समय से वसूली के आरोप लगाए थे। जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश देकर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।

ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में किसानों से जमीन संबंधी कार्यों के बदले रिश्वत लेने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में पटवारी को कथित तौर पर किसान से रुपये लेते देखा जा रहा है। किसानों का आरोप है कि जमीन की नाप-जोख और दाखिल-खारिज जैसे जरूरी काम बिना पैसे दिए पूरे नहीं किए जा रहे थे। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया जा रहा है।


जमीन नापने और दाखिल-खारिज के नाम पर वसूली का आरोप
वीडियो में कथित तौर पर दिखाई दे रहे पटवारी वीर बहादुर पर आरोप है कि वह जमीन संबंधी कामों के लिए किसानों से खुलेआम पैसे की मांग करते थे। किसानों का कहना है कि जमीन की नाप या दाखिल-खारिज जैसे सामान्य कार्यों के लिए भी उन्हें कई बार चक्कर लगाने पड़ते थे और अंत में पैसों की मांग की जाती थी। आरोप यह भी है कि कई वर्षों से एक ही स्थान पर तैनाती के चलते स्थानीय स्तर पर उनका प्रभाव बढ़ गया था, जिससे किसान खुलकर शिकायत करने से भी हिचकते थे। अब वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है।


किसानों ने पहले भी की शिकायत, कार्रवाई नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि पटवारी के खिलाफ पहले भी शिकायतें की जा चुकी थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का आरोप है कि कई बार अधिकारियों के नाम पर भी पैसे लिए जाते थे। लोगों का कहना है कि बिना पैसे दिए फाइलें आगे नहीं बढ़ती थीं, जिससे छोटे किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती थी। अब वीडियो वायरल होने के बाद लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी। क्षेत्र के किसान संगठनों ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।


जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश, विभागीय कार्रवाई की तैयारी
मामला सामने आने के बाद गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन ने विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता की जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन का दावा है कि किसानों के साथ किसी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई होती है तो इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा।

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