नोएडा में केबलिंग घोटाले में बड़ा अपडेट, अब जांच में टेक्निकल सपोर्ट लेने की तैयारी, तीन अधिकारियों पर लटकी तलवार

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नोएडा के अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले में विभागीय जांच तेज हो गई है। तीन अधिकारियों पर कार्रवाई आगे बढ़ी है और तकनीकी जांच के जरिए अनियमितताओं की पूरी तस्वीर सामने लाने की तैयारी चल रही है, जिससे जल्द रिपोर्ट शासन को सौंपी जा सकती है।

नोएडा के बहुचर्चित अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले में अब जांच प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। नोएडा प्राधिकरण ने मामले में नामित तीन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ा दिया है। जांच अधिकारी अब तकनीकी पहलुओं को स्पष्ट करने के लिए विशेषज्ञ टेक्निकल सपोर्ट लेने की तैयारी में हैं, ताकि फाइलिंग से लेकर जमीन पर हुए काम तक हर चरण की बारीकी से समीक्षा की जा सके। माना जा रहा है कि तकनीकी विश्लेषण के बिना अनियमितताओं की सटीक तस्वीर सामने लाना संभव नहीं था, जिसके चलते अब जांच को मजबूत आधार देने की कोशिश की जा रही है।


तीन अधिकारियों की भूमिका पर बढ़ी सख्ती
जांच के दायरे में आए आरपी सिंह, निजामुद्दीन और प्रमोद के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इनमें से दो अधिकारियों का पहले ही स्थानांतरण हो चुका है, लेकिन जांच अब भी जारी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी की चार्जशीट में नाम सामने आने के बावजूद लंबे समय तक स्थानीय स्तर पर विभागीय जांच लंबित रही, जिस पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिकारियों की भूमिका को लेकर फाइलों, भुगतान रिकॉर्ड और काम की गुणवत्ता का परीक्षण कराया जाएगा, ताकि यह साफ हो सके कि कार्यों में कहां और किस स्तर पर अनियमितताएं हुईं।


शासन की नाराज़गी के बाद तेज हुई कार्रवाई
मामले में लगातार देरी को लेकर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है और प्राधिकरण से कई बार जवाब तलब किया गया। आरोप यह भी है कि जांच लंबित रहने के दौरान संबंधित अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ भी मिल गया, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही पर प्रश्न उठे। अब शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत की जाए। अधिकारियों का कहना है कि टेक्निकल सपोर्ट मिलने के बाद जांच की गति और सटीकता दोनों बढ़ेंगी, जिससे जिम्मेदारी तय करना आसान होगा और लंबित कार्रवाई को जल्द पूरा किया जा सकेगा।


यादव सिंह प्रकरण से जुड़ा मामला, जल्द रिपोर्ट की तैयारी
यह पूरा मामला वर्ष 2020 में सामने आए अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले से जुड़ा है, जिसमें कई अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी। हालिया समीक्षा में नए नाम सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई की दिशा बदल गई है। प्राधिकरण का दावा है कि अब जांच को प्राथमिकता पर पूरा किया जा रहा है और तकनीकी रिपोर्ट मिलते ही अंतिम रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही इस बहुचर्चित प्रकरण में अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकती है।

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