नोएडा एनसीआर में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन, सेक्टर-37 समेत कई इलाकों में अल्ट्रासाउंट सेंटर सील

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नोएडा-ग्रेटर नोएडा में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी के दौरान पांच अल्ट्रासाउंड सेंटर सील किए गए है। जांच में डॉक्टर की गैरमौजूदगी और दस्तावेजों की कमी मिली। अब पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अवैध रूप से संचालित हो रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए कई केंद्रों पर छापेमारी की। जांच के दौरान कई जगह डॉक्टर की अनुपस्थिति, आवश्यक दस्तावेजों की कमी और नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सही पाई गईं। इसके बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच अल्ट्रासाउंड सेंटरों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया, जबकि स्थानीय लोगों ने भी लंबे समय से चल रही अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग की थी। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।


डॉक्टर की गैरमौजूदगी और दस्तावेजों की कमी मिली
स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने सेक्टर-37 समेत आसपास के क्षेत्रों में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच की। जांच में कई केंद्रों पर डॉक्टर मौजूद नहीं मिले और मशीनें बिना अधिकृत अनुमति के चलाई जा रही थीं। टीम ने पाया कि कुछ केंद्रों के पास जरूरी रजिस्ट्रेशन दस्तावेज और रिकॉर्ड भी पूरे नहीं थे। अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर ही मशीनों और रिकॉर्ड की जांच की, जिसके बाद कार्रवाई की गई। विभाग ने साफ कहा है कि गर्भ संबंधी जांच और मेडिकल सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


इन केंद्रों पर हुई सीलिंग की कार्रवाई
छापेमारी के दौरान खोड़सी इलाके में संचालित लाइफ केयर अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील किया गया। इसके अलावा बिसरख क्षेत्र में चल रहे नवजीवन डायग्नोस्टिक सेंटर पर भी कार्रवाई हुई। करनपुरा स्थित हर्ष अल्ट्रासाउंड सेंटर को बंद कराया गया। वहीं दनकौर क्षेत्र में स्थित कृष्णा हॉस्पिटल की अल्ट्रासाउंड मशीन को भी सील कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी केंद्रों में मानकों और रिकॉर्ड संबंधी कमियां मिलीं, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत आगे बढ़ेगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब इन मामलों में आगे की कार्रवाई पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 के तहत की जाएगी। विभाग ने कहा कि अवैध अल्ट्रासाउंड संचालन पर सख्ती जारी रहेगी और भविष्य में भी औचक निरीक्षण किए जाएंगे। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध जांच या संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें। इस कार्रवाई को स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और नियमों के पालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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