ग्रेटर नोएडा में फिर चला प्राधिकरण का बुलडोजर, इस बार भनौता गांव में अतिक्रमण साफ, 30 हजार वर्ग मीटर जमीन कराई खाली

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ग्रेटर नोएडा के भनौता गांव में प्राधिकरण ने 30 हजार वर्गमीटर जमीन से अवैध निर्माण हटाया। करीब 60 करोड़ की जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई। 8000 वर्गमीटर अधिग्रहित भूमि पर भी कब्जे की कोशिश हो रही थी। अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अधिसूचित गांव भनौता में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 30 हजार वर्ग मीटर जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को बुल्डोजर से गिरा दिया है। प्राधिकरण के अनुसार अतिक्रमण से मुक्त कराई गई जमीन की अनुमानित कीमत लगभग 60 करोड़ रुपये है। खास बात यह रही कि इसमें करीब 8000 वर्ग मीटर जमीन ऐसी भी शामिल थी, जो पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी थी और जिसका मुआवजा भी दिया जा चुका है। इसके बावजूद कुछ कालोनाइजर इस जमीन को अवैध खसरा नंबर बताकर बेचने की कोशिश कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल और प्राधिकरण की टीम मौजूद रही।


अधिग्रहित जमीन पर भी कब्जे की कोशिश

प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि 8000 वर्ग मीटर जमीन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की कब्जा प्राप्त भूमि है। इसका मुआवजा संबंधित किसानों को पहले ही दिया जा चुका है। इसके बावजूद कालोनाइजर इस जमीन को भी प्लॉटिंग कर बेचने की फिराक में थे। बताया गया कि खसरा नंबर 238 और 239 पर बाउंड्री वॉल खड़ी कर घर बनाने और प्लॉट काटने की तैयारी चल रही थी। सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर भूलेख और परियोजना विभाग की वर्क सर्किल दो की टीम ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम सिंह, प्रबंधक रोहित गुप्ता समेत टीम के अन्य सदस्य सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में मौके पर डटे रहे और पूरे अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया गया।


अवैध कॉलोनाइजरों को सख्त चेतावनी

ग्रेनो प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने साफ कहा है कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति या बिना नक्शा पास कराए निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से पूरी जानकारी जरूर लें, ताकि अवैध कॉलोनियों में निवेश कर नुकसान न उठाना पड़े। महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह ने भी दोबारा निर्माण करने की कोशिश पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्राधिकरण का कहना है कि शहर के विकास में अवैध कब्जे बड़ी बाधा हैं और इन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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