ग्रेटर नोएडा के दो बड़े शिक्षण संस्थान सील, सुरक्षा में लापरवाही के चलते एक्शन, यह है पूरा मामला

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ग्रेटर नोएडा में सुरक्षा खामियों के चलते दो शिक्षण संस्थानों के निर्माण स्थल सील कर दिए गए है। 1300 छात्रों के बीच निर्माण कार्य और श्रमिकों के बिना सुरक्षा उपकरण काम करने पर कार्रवाई हुई। विभाग ने सुरक्षा ऑडिट के बाद ही काम शुरू करने की अनुमति की बात कही है।

ग्रेटर नोएडा में छात्रों और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। सहायक निदेशक कारखाना (नोएडा क्षेत्र) की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर दो प्रमुख शिक्षण संस्थानों के निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद करा दिए। मामला नॉलेज पार्क-1 स्थित विद्या जीवन कोचिंग सेंटर और नॉलेज पार्क-3 के जीएल बजाज कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट से जुड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों जगह सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी की जा रही थी, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। कार्रवाई के बाद निर्माण स्थलों को सील कर दिया गया है और फिलहाल काम पूरी तरह रोक दिया गया है।


निर्माण के बीच पढ़ाई, 1300 छात्रों की जान खतरे में

विद्या जीवन कोचिंग सेंटर में निरीक्षण के दौरान जो हालात मिले, उन्हें अधिकारियों ने ‘प्राणघातक’ बताया। ऊपरी मंजिलों पर निर्माण कार्य जारी था, जबकि नीचे भूतल और प्रथम तल पर करीब 1300 छात्र पढ़ाई कर रहे थे। छात्रों का आना-जाना उसी रास्ते से हो रहा था, जहां निर्माण सामग्री और मलबा पड़ा था। न तो कोई सुरक्षा बैरियर लगाया गया था और न ही आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था थी। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह शैक्षणिक गतिविधि और निर्माण कार्य एक साथ चलाना बेहद खतरनाक है। यदि समय रहते कार्रवाई न की जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।


ऊंची इमारत में बिना सुरक्षा उपकरण के काम करते मिले श्रमिक

इसी तरह जीएल बजाज कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में भी कई गंभीर खामियां पाई गईं। टावर-सी के नौवें तल पर श्रमिक बिना सेफ्टी बेल्ट, फुल बॉडी हार्नेस और फॉल-अरेस्ट सिस्टम के काम कर रहे थे। निर्माण स्थल पर खुले बिजली के तार, अग्निशमन यंत्रों की कमी और इधर-उधर फैला मलबा भी मिला। इससे फिसलकर गिरने और करंट लगने का खतरा बना हुआ था। सहायक निदेशक राम बहादुर और अंशुल तिवारी ने भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों स्थलों पर काम रुकवा दिया। विभाग ने साफ कर दिया है कि जब तक मान्यता प्राप्त तकनीकी संस्थान से सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट नहीं दी जाती, निर्माण दोबारा शुरू नहीं होगा। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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