नोएडा प्राधिकरण बनाएगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, आईआईटी दिल्ली को भेजा ड्राइंग और बजट, पहले फेज में खर्च होंगे 70 करोड़ रुपये
- Shiv Kumar
- 21 Feb, 2026
नोएडा सेक्टर-123 खेलो इंडिया खेलों की तर्ज पर में प्रस्तावित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को अब प्राधिकरण खुद बनवाएगा। लंबे समय से इस बात पर मंथन चल रहा था कि परियोजना पीपीपी मॉडल पर बने या प्राधिकरण सीधे निर्माण कराए। आखिरकार फैसला हो गया है कि निर्माण एजेंसी खुद प्राधिकरण होगी। बजट और ड्राइंग को मंजूरी के लिए Indian Institute of Technology Delhi भेज दिया गया है। वहां से तकनीकी स्वीकृति मिलते ही फाइल प्राधिकरण स्तर पर बनी कमेटी के पास जाएगी और उसके बाद टेंडर जारी किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अगर सब कुछ तय समय पर रहा तो एक महीने के भीतर निर्माण प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठ जाएगा। कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार होने के बाद इसके संचालन की जिम्मेदारी किसी पेशेवर एजेंसी को दी जाएगी।
क्या-क्या सुविधाएं होंगी, खिलाड़ियों को मिलेगा पूरा प्लेटफॉर्म
करीब 26.65 एकड़ जमीन पर बनने वाले इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां सिंथेटिक ट्रैक, 200 मीटर रेसिंग ट्रैक, जेवलिन थ्रो ग्राउंड, स्विमिंग पूल, फुटबॉल ग्राउंड और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा इंडोर खेलों के लिए एक बड़ा मल्टीपर्पज हॉल बनाया जाएगा, जिसमें बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कुश्ती और अन्य इनडोर स्पोर्ट्स की सुविधा मिलेगी। आउटडोर में क्रिकेट ग्राउंड, वॉलीबॉल, कबड्डी, लॉन टेनिस, खो-खो और जिम्नास्टिक जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। लंबी कूद और ऊंची कूद के लिए अलग ट्रैक भी बनाया जाएगा। पूरी परियोजना पर करीब 70 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों का कहना है कि डिजाइन ऐसा होगा जिससे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा सकें।
इन इलाकों के खिलाड़ियों को मिलेगा सीधा फायदा
नोएडा में फिलहाल सेक्टर-21ए स्थित स्टेडियम ही बड़ा खेल परिसर है, लेकिन वहां अक्सर भीड़ अधिक रहती है। कई बार खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए पर्याप्त समय और जगह नहीं मिल पाती। ऐसे में सेक्टर-123 का यह नया कॉम्प्लेक्स उभरते खिलाड़ियों के लिए राहत लेकर आएगा। खासकर सेक्टर-122, सेक्टर-119, सेक्टर-121, पर्थला, सर्फाबाद और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के खिलाड़ियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। आसपास के युवाओं को अब अपने ही इलाके में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और प्रतिभाओं को निखरने का मौका मिलेगा। प्राधिकरण का मानना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में नोएडा को खेल मानचित्र पर नई पहचान दिला सकती है।
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