नोएडा पुलिस का तगड़ा एक्शन, साइबर ठग को दबोचा, आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र में भी शिकायत दर्ज, पॉलिसी के नाम पर ठगी

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नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने इंश्योरेंस पॉलिसी मैच्योरिटी के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे ठगता था। उसके खातों में करीब 2.88 लाख रुपये की लेनदेन मिली है। जांच जारी है।

नोएडा में इंश्योरेंस पॉलिसी मैच्योर कराने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर अपराधी को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लोगों को फोन कर खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताता था और पॉलिसी की रकम दिलाने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस मांगता था। कई लोग उसके झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर कर देते थे। मामले का खुलासा तब हुआ जब एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर पुलिस के रडार पर आए। तकनीकी जांच और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से पुलिस ने आरोपी को नोएडा से दबोच लिया। उसके पास से मोबाइल, लैपटॉप, नकदी और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं।


तकनीकी जांच से पहुंची पुलिस आरोपी तक

पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान 27 वर्षीय अमन कुमार, निवासी फिरोजाबाद के रूप में हुई है। डीसीपी साइबर Shivya Goel ने बताया कि 23 फरवरी को दर्ज शिकायतों की पड़ताल के दौरान जिन नंबरों से कॉल की जा रही थी, उनकी कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाली गई। जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग लोगों को पॉलिसी मैच्योर होने की बात कहकर विश्वास में लेता था। वह प्रोसेसिंग फीस या अन्य चार्ज के नाम पर रकम अपने बैंक खातों में मंगवा लेता था। पुलिस ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया और पूछताछ शुरू की।


दो राज्यों से शिकायत, लाखों की ठगी

जांच में पता चला है कि आरोपी के बैंक खातों के खिलाफ उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से कुल दो शिकायतें दर्ज हैं। इन खातों में अब तक करीब 2.88 लाख रुपये की रकम जमा होने की जानकारी मिली है। पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 10 हजार रुपये नकद और तीन बैंक खातों के स्टेटमेंट बरामद किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या अमन कुमार किसी बड़े गिरोह का हिस्सा है या अकेले ही इस ठगी को अंजाम दे रहा था। अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि इंश्योरेंस पॉलिसी से जुड़ा कोई भी कॉल आए तो पहले आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर करने से बचें और संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर दें।

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