नोएडा में एमिटी इंटरनेशनल स्कूल की बड़ी लापरवाही, 7 घंटे तक बस में बंद रहा UKG का छात्र, ट्रांसपोर्टर-कर्मचारी निलंबित

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नोएडा में यूकेजी का एक बच्चा स्कूल बस में छूटकर घंटों बंद रहा। रास्ते में बस खराब होने के बाद बच्चा यार्ड में खड़ी बस में मिला। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि स्कूल ने स्टाफ को निलंबित कर दिया।

नोएडा के सेक्टर-78 स्थित एक सोसाइटी में रहने वाले परिवार के लिए गुरुवार का दिन बेहद डरावना साबित हुआ। 5 साल का यूकेजी छात्र सुबह स्कूल बस से गया था, लेकिन स्कूल छुट्टी के बाद परिजन जब उसे लेने पहुंचे तो बच्चा बस में नहीं मिला। परिजनों ने तुरंत स्कूल प्रशासन से संपर्क किया। स्कूल प्रबंधन ने बताया कि बच्चा स्कूल नहीं पहुंचा है। इसके बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गई। खोजबीन के दौरान पता चला कि बस के रजिस्टर में बच्चे की उपस्थिति दर्ज थी, लेकिन स्कूल रिकॉर्ड में वह अनुपस्थित था। मामला सामने आने के बाद परिजन ट्रांसपोर्टर से संपर्क करने लगे। जानकारी मिली कि रास्ते में बस खराब हो गई थी और बच्चों को दूसरी बस से स्कूल भेजा गया था।


खराब बस में घंटों बंद रहा बच्चा, यार्ड से मिला

परिजनों ने ट्रांसपोर्टर से बस की लोकेशन पूछी तो बताया गया कि खराब बस को स्कूल से करीब 25 किलोमीटर दूर यार्ड में खड़ा किया गया है। इसके बाद परिजन यार्ड पहुंचे, जहां खड़ी बस में उनका बच्चा मिला। बच्चा भूखा-प्यासा और पसीने से लथपथ था और जोर-जोर से रो रहा था। जैसे ही बस का गेट खोला गया, बच्चा अपनी मां से चिपककर रोने लगा। घटना को लेकर परिवार बेहद डरा हुआ है। परिजनों का कहना है कि बच्चे की सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही हुई है। हालांकि पुलिस के मुताबिक अभी तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। स्कूल प्रशासन ने ट्रांसपोर्टर और बस स्टाफ को निलंबित कर दिया है। Amity International School Noida प्रबंधन ने कहा कि बस खराब होने के बाद बच्चों को दूसरी बस से भेजा गया था और बच्चा जल्द ही ढूंढ लिया गया।


स्कूल प्रबंधन ने लापरवाही के आरोपों से किया इनकार

स्कूल प्रबंधन की ओर से सविता मेहता ने कहा कि बस रास्ते में तकनीकी खराबी के कारण रुक गई थी। जब बच्चों को दूसरी बस से स्कूल पहुंचाया गया तो गिनती के दौरान एक बच्चा गायब पाया गया। कुछ ही समय में बच्चे को खराब बस से सुरक्षित ढूंढ लिया गया। प्रबंधन का कहना है कि सात घंटे तक बच्चे के बंद रहने और 25 किलोमीटर दूर यार्ड में होने के दावे सही नहीं हैं। हालांकि मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्रांसपोर्टर और संबंधित स्टाफ पर कार्रवाई की गई है। बच्चे की मां ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह उस डर और मानसिक पीड़ा को शब्दों में नहीं बता सकतीं, जिससे वह गुजरीं।

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