नोएडा एयरपोर्ट प्रभावितों को लेकर YEIDA कार्यालय में अहम बैठक, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने रोजगार दिलाने पर की चर्चा
- Shiv Kumar
- 09 Mar, 2026
नोएडा में जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परियोजना से प्रभावित परिवारों के युवाओं को रोजगार दिलाने का मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से उठाया गया है। सोमवार को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के कार्यालय में इस संबंध में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चेयरमैन राकेश कुमार सिंह, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक के दौरान जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने स्पष्ट कहा कि जिन किसान परिवारों ने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन दी है, उनके बच्चों को रोजगार देना किसी प्रकार का उपकार नहीं है, बल्कि उनका वैधानिक और नैतिक अधिकार है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों के युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी देना सरकार और एयरपोर्ट निर्माण से जुड़ी कंपनी दोनों की जिम्मेदारी है।
किसानों की जमीन से बन रहा विकास, युवाओं को मिलनी चाहिए प्राथमिकता
विधायक धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि जेवर क्षेत्र के किसानों ने प्रदेश और देश के विकास के लिए अपनी बहुमूल्य जमीन दी है। ऐसे में यह जरूरी है कि एयरपोर्ट और उससे जुड़ी अन्य परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जाएं।
उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाती है तो इससे न केवल उनके परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी। साथ ही युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
विधायक ने यह भी कहा कि जेवर एयरपोर्ट केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक बदलाव का बड़ा माध्यम भी बन सकता है। इसलिए स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
रोजगार को लेकर सकारात्मक संकेत, जल्द हो सकता है फैसला
धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि इस मुद्दे पर अधिकारियों के साथ अंतिम चरण की सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इस दिशा में ठोस निर्णय लिया जाएगा, जिससे एयरपोर्ट परियोजना से प्रभावित परिवारों के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि जेवर क्षेत्र के किसान और उनके परिवार इस ऐतिहासिक परियोजना के वास्तविक भागीदार बनें। यदि ऐसा होता है तो इससे क्षेत्र में आर्थिक विकास के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और स्थानीय लोगों को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा।
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