गौतमबुद्धनगर में महिला आयोग की सदस्य ने सुनीं महिलाओं की समस्याएं, 50 से अधिक मामले किए गए दर्ज, अधिकारियों को दिए कार्रवाई के निर्देश

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गौतमबुद्ध नगर के विकास भवन में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला की अध्यक्षता में महिला जनसुनवाई आयोजित हुई। करीब 50 मामलों की सुनवाई की गई और अधिकारियों को महिलाओं की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला की अध्यक्षता में सोमवार को गौतम बुद्ध नगर के विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आई महिलाओं ने अपनी समस्याएं आयोग के समक्ष रखीं। जनसुनवाई के दौरान करीब 50 मामलों को दर्ज किया गया, जिनमें पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण, उत्पीड़न और अन्य सामाजिक समस्याओं से जुड़े प्रकरण शामिल थे। डॉ. मीनाक्षी भराला ने सभी फरियादी महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश

जनसुनवाई के दौरान डॉ. मीनाक्षी भराला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और प्रभावी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं को जल्द न्याय मिलना बेहद जरूरी है। उन्होंने पुलिस विभाग, महिला कल्याण विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों से कहा कि कार्यालयों में आने वाली महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और हर मामले में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए। डॉ. भराला ने यह भी कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है, ताकि शिकायतों का समाधान तेजी से किया जा सके और पीड़ितों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।


संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ सुनें महिलाओं की समस्याएं

डॉ. मीनाक्षी भराला ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कई बार महिलाएं सामाजिक और पारिवारिक दबाव के कारण अपनी समस्याएं खुलकर नहीं बता पाती हैं। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे उन्हें भरोसा दिलाएं और उनकी समस्याओं को सहानुभूति और मधुर व्यवहार के साथ सुनें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग का उद्देश्य केवल महिलाओं को न्याय दिलाना ही नहीं, बल्कि उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी है। आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि किसी भी महिला को अन्याय या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े। कार्यक्रम के अंत में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर डॉ. मीनाक्षी भराला ने जनसुनवाई में उपस्थित महिला अधिकारियों, कर्मचारियों और फरियादी महिलाओं को पौधे भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।

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