सोशल मीडिया पर डालते थे 'We Are Hiring' का विज्ञापन, फिर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगते थे पैसा, पुलिस ने 6 आरोपियों को दबोचा

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नोएडा पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। सेक्टर-113 थाना पुलिस ने चार महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फेसबुक-इंस्टाग्राम पर फर्जी “We Are Hiring” विज्ञापन डालकर लोगों से 30-40 हजार रुपये ठगते थे।

देश-विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। Sector 113 Police Station Noida की पुलिस ने इस मामले में चार महिलाओं समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगी करता था। आरोपी “WE ARE HIRING” जैसे आकर्षक विज्ञापन डालकर बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे। शुरुआती बातचीत के बाद उनसे नौकरी दिलाने के नाम पर 30 से 40 हजार रुपये तक की रकम ली जाती थी। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह लंबे समय से इस तरह की ठगी को अंजाम दे रहा था और कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में दो युवक और चार महिलाएं शामिल हैं, जो मिलकर इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।


सेक्टर-73 के ऑफिस से चल रहा था ठगी का नेटवर्क

पुलिस के अनुसार आरोपी नोएडा के सेक्टर-73 में किराए के एक ऑफिस से यह पूरा फर्जी जॉब नेटवर्क चला रहे थे। यहां से वे अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें देश-विदेश में नौकरी दिलाने का लालच देते थे।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन और पांच लैपटॉप बरामद किए हैं। इसके अलावा कई चार्जर, केबल, मोहर, चेकबुक और अन्य दस्तावेज भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के नेटवर्क को चलाने में किया जाता था। पुलिस का मानना है कि इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में कई और अहम सुराग मिल सकते हैं।


फेसबुक-इंस्टाग्राम से फंसाते थे बेरोजगार युवक

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह गिरोह खासतौर पर Facebook और Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी भर्ती विज्ञापन पोस्ट करता था। “WE ARE HIRING” या “इंटरनेशनल जॉब ऑफर” जैसे संदेशों के जरिए युवाओं को संपर्क करने के लिए प्रेरित किया जाता था। जब कोई व्यक्ति उनसे संपर्क करता था तो आरोपी उसे इंटरव्यू, प्रोसेसिंग फीस या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे जमा कराने के लिए कहते थे। रकम मिलने के बाद या तो बहाने बनाकर प्रक्रिया टाल दी जाती थी या फिर संपर्क ही बंद कर दिया जाता था।


पूछताछ में खुल सकते हैं कई और मामले

इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए Manisha Singh ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में कई लोगों से ठगी की बात सामने आई है और आने वाले समय में और मामलों का खुलासा होने की संभावना है। पुलिस अब बरामद मोबाइल और लैपटॉप की डिजिटल जांच भी कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया है और उनके साथ कितनी रकम की ठगी की गई है।

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