ईरान–इज़रायल युद्ध का असर, नोएडा की गैस एजेंसियों में सिलेंडर लेने के लिए लगी लाइनें, सुरक्षा को लेकर मौके पर पुलिस तैनात
- Shiv Kumar
- 11 Mar, 2026
ईरान–इज़रायल युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचता दिख रहा है। गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी और सप्लाई में कमी की खबरों के बीच कई जगहों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नोएडा के सेक्टर 54 स्थित गैस एजेंसी पर भी सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी के बाहर पहुंच गए। कई लोगों ने दावा किया कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल सका और खाली हाथ लौटना पड़ा। बढ़ती भीड़ को देखते हुए मौके पर पुलिस भी पहुंची और स्थिति को संभालने की कोशिश की।
बुकिंग नियम बदला, अब 21 दिन बाद मिलेगी दूसरी बुकिंग
गैस सिलेंडर की बढ़ती मांग और जमाखोरी की आशंका को देखते हुए अब दूसरे सिलेंडर की बुकिंग के नियम में बदलाव किया गया है। पहले जहां उपभोक्ता 15 दिन के भीतर अगली बुकिंग कर सकते थे, वहीं अब उन्हें 21 दिन का इंतजार करना होगा।
इस बदलाव के बाद कई उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि पहले ही सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है और अब बुकिंग के अंतराल बढ़ने से परेशानी और बढ़ सकती है। कई लोगों ने कहा कि उन्हें पुराने समय की याद आ रही है जब गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।
लंबी कतारों से लोग परेशान
सेक्टर 54 की गैस एजेंसी के बाहर बड़ी संख्या में लोग सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े दिखाई दिए। कई लोग सुबह से एजेंसी के बाहर इंतजार कर रहे थे। लोगों का आरोप है कि एजेंसी में सिलेंडर होने के बावजूद उन्हें समय पर गैस नहीं मिल रही है। घंटों इंतजार करने के बाद भी कई लोगों को बिना सिलेंडर लिए वापस लौटना पड़ा। भीड़ बढ़ने की वजह से मौके पर अव्यवस्था का माहौल बन गया, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भी पहुंचना पड़ा।
पुराने दिनों की याद दिला रही स्थिति
कई उपभोक्ताओं ने कहा कि मौजूदा हालात उन्हें 20 से 25 साल पुराने समय की याद दिला रहे हैं, जब गैस सिलेंडर की कमी के कारण लोगों को लंबी लाइन में लगना पड़ता था। लोगों का कहना है कि अगर सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है। फिलहाल एजेंसी के बाहर भीड़ कम करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी की जा रही है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






