‘सोलर स्पाइडर’ साइबर फ्रॉड गैंग का खुलासा, नोएडा पुलिस ने दो विदेशी नागरिकों को किया गिरफ्तार, बैंक से की थी 7 करोड़ की ठगी

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गौतमबुद्धनगर साइबर पुलिस ने ‘Solar Spider’ साइबर गैंग से जुड़े दो विदेशी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने गुजरात के एक को-ऑपरेटिव बैंक से 7 करोड़ की ठगी की थी और 60–80 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी की योजना बना रहे थे।

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम टीम ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने समन्वित कार्रवाई करते हुए ‘Solar Spider’ नामक साइबर थ्रेट एक्टर से जुड़े दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना साइबर क्राइम, थाना नॉलेज पार्क और मेरठ जोन की साइबर कमांडो टीमों के संयुक्त अभियान में की गई। पुलिस को खुफिया इनपुट मिला था कि यह गिरोह पिछले एक सप्ताह से सक्रिय है और कुछ को-ऑपरेटिव बैंकों की सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर बड़े साइबर फ्रॉड की योजना बना रहा है। जांच में पता चला कि आरोपी करीब 60 से 80 करोड़ रुपये की रकम अवैध तरीके से म्यूल खातों में ट्रांसफर कर उसे क्रिप्टो करेंसी के जरिए देश से बाहर भेजने की साजिश रच रहे थे।


गुजरात के बैंक से 7 करोड़ की ठगी का खुलासा

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने 7 से 8 मार्च के सप्ताहांत के दौरान गुजरात के एक को-ऑपरेटिव बैंक से करीब 7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर ली थी। आरोपी जानबूझकर ऐसे ट्रांजेक्शन सप्ताह के अंतिम दिनों में करते थे, जब बैंक बंद रहते हैं। इस रणनीति का मकसद यह था कि बैंक या ग्राहकों को धोखाधड़ी की जानकारी मिलने से पहले ही रकम कई खातों में ट्रांसफर कर दी जाए। हालांकि पुलिस की सतर्कता के कारण इस गिरोह की बड़ी योजना समय रहते विफल हो गई।


समय रहते अलर्ट, करोड़ों की ठगी टली

जांच टीम ने तुरंत Indian Cyber Crime Coordination Centre और संबंधित बैंकों को सूचना दी। इसके बाद संभावित ट्रांजेक्शन पर नजर रखी गई और कई करोड़ रुपये की अतिरिक्त धोखाधड़ी होने से पहले ही उसे रोक दिया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े हुए हैं और इनके तार नाइजीरिया तथा दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में सक्रिय साइबर गैंग से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस के मुताबिक ‘Solar Spider’ नाम का यह साइबर थ्रेट एक्टर पहले भी कई साइबर हमलों में शामिल रहा है। वर्ष 2025 में भी इस गिरोह के एक अन्य मॉड्यूल को गौतमबुद्धनगर पुलिस ने पकड़ा था। घटना के बाद को-ऑपरेटिव बैंकों को एडवाइजरी जारी कर साइबर सुरक्षा मजबूत करने, सिस्टम की कमजोरियों की समीक्षा करने और निगरानी व्यवस्था को और सख्त बनाने की सलाह दी गई है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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