नोएडा प्राधिकरण के CEO कृष्णा करुणेश का सख्त एक्शन, शहर की सफाई में लापरवाही बरतने वाले 100 कर्मचारियों को हटाया, 15 ठेकेदारों को नोटिस

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नोएडा में सफाई व्यवस्था को लेकर प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाते हुए 100 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दीं और 15 ठेकेदार कंपनियों को नोटिस जारी किया। इसके विरोध में सेक्टर-95 स्थित दलित प्रेरणा स्थल पर सफाई मजदूरों ने प्रदर्शन कर सड़क जाम कर दी।

नोएडा प्राधिकरण ने शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो सफाई कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं, उनकी सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाए। वहीं जिन ठेकेदार कंपनियों को शहर की सफाई का जिम्मा दिया गया है, अगर वे व्यवस्था संभालने में असमर्थ हैं तो उन पर जुर्माना लगाकर ब्लैकलिस्ट किया जाए। इन निर्देशों के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए 100 कर्मचारियों को इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से हटाकर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं। साथ ही सफाई कार्य से जुड़ी 15 ठेकेदार कंपनियों को नोटिस भी जारी किया गया है।


सख्ती के बाद ठेकेदारों ने बाहर से बुलाए कर्मचारी

प्राधिकरण की सख्ती के बाद ठेकेदारों में हड़कंप मच गया। स्थिति को संभालने के लिए ठेकेदारों ने आनन-फानन में करीब 150 कर्मचारियों को बाहर से बुलाकर शुक्रवार को शहर में सफाई कराई। दूसरी ओर सफाई कर्मियों के नेताओं ने अधिकारियों से वार्ता की मांग की, लेकिन शीर्ष अधिकारियों और महाप्रबंधकों ने फिलहाल बातचीत से साफ इनकार कर दिया। अधिकारियों ने साफ कहा कि पहले सफाई कर्मचारी बिना किसी शर्त के काम पर लौटें, उसके बाद ही बैठक कर बातचीत की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी और इसके लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।


दलित प्रेरणा स्थल पर मजदूरों का प्रदर्शन

नोएडा सेक्टर-95 स्थित दलित प्रेरणा स्थल के बाहर शुक्रवार को सैकड़ों सफाई मजदूरों ने एकत्र होकर प्राधिकरण के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। मजदूरों ने स्वास्थ्य विभाग और ठेकेदारों पर शोषण के गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दी, जिससे आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हो गया और राहगीरों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना था कि उन्हें लंबे समय से समय पर वेतन नहीं मिल रहा है और ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं।


मजदूरों ने सुविधाओं की कमी का लगाया आरोप

प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने आरोप लगाया कि काम का दबाव लगातार बढ़ाया जा रहा है, लेकिन उन्हें न तो पर्याप्त सुविधाएं मिल रही हैं और न ही सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। वहीं महाप्रबंधक सिविल एसपी सिंह ने कहा कि सफाईकर्मियों का वेतन ठेकेदारों को दिया जाता है और उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर बनाए रखें। यदि सफाई में लापरवाही हुई तो ठेकेदार कंपनियों पर प्रतिदिन भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

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