गैस की किल्लत के बीच 60 फीसदी बढ़ी इंडक्शन कुकटॉप की डिमांड, ऑनलाइन प्लेटफार्म पर आउट ऑफ स्टॉक, दुकानों पर लग रही खरीदारों की भीड़
- Shiv Kumar
- 14 Mar, 2026
खाड़ी देशों में एलपीजी सप्लाई में आ रही रुकावटों का असर अब दिल्ली-एनसीआर के बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है। गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच शहर के कई घरों और व्यापारियों ने इंडक्शन कुकटॉप को विकल्प के तौर पर अपनाना शुरू कर दिया है। बाजार से जुड़े कारोबारियों के अनुसार पिछले तीन दिनों में इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री में करीब 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गैस की किल्लत और सिलेंडर मिलने में हो रही देरी के कारण लोग अब इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। कई दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है और लोग गैस के विकल्प के तौर पर इंडक्शन और इलेक्ट्रिक स्टोव खरीदते नजर आ रहे हैं।
व्यापारी भी इंडक्शन कुकिंग की ओर बढ़े
सेक्टर-18 मार्केट एसोसिएशन नोएडा के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने बताया कि एलपीजी की खपत कम करने और कामकाज बिना रुकावट जारी रखने के लिए कई व्यापारी अब इलेक्ट्रिक इंडक्शन कुकिंग को अपना रहे हैं। उनका कहना है कि गैस की अनिश्चित सप्लाई को देखते हुए यह एक सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प बनकर सामने आ रहा है। इसी वजह से बाजारों में इंडक्शन कुकटॉप की खरीदारी तेजी से बढ़ रही है। खासकर छोटे रेस्टोरेंट, चाय की दुकानों और घरेलू रसोई में इसका इस्तेमाल बढ़ता दिखाई दे रहा है।
कम ऊर्जा में ज्यादा प्रभावी माना जाता है इंडक्शन
सुशील कुमार जैन के मुताबिक इंडक्शन कुकटॉप ऊर्जा दक्षता के मामले में एलपीजी से बेहतर माने जाते हैं। इंडक्शन कुकटॉप लगभग 90 से 92 प्रतिशत तक ऊर्जा दक्षता का दावा करते हैं, जबकि एलपीजी की ऊर्जा दक्षता लगभग 50 से 60 प्रतिशत मानी जाती है। इसका सीधा असर ऊर्जा खपत और खर्च पर पड़ता है। उनके अनुसार अगर कमर्शियल किचन में इंडक्शन का उपयोग किया जाए तो बिजली बिल में करीब 40 प्रतिशत तक की कमी संभव है। यही वजह है कि कई व्यापारी इसे बेहतर विकल्प के रूप में अपना रहे हैं।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई मॉडल आउट ऑफ स्टॉक
बाजार में मांग बढ़ने के कारण ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई नामी कंपनियों के इंडक्शन कुकटॉप आउट ऑफ स्टॉक हो चुके हैं। हालांकि स्थानीय कंपनियों के इंडक्शन बाजार में उपलब्ध हैं और उनकी बिक्री तेजी से हो रही है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक स्टोव की मांग भी बढ़ी है। बाजार में इनकी कीमत करीब 3 हजार से 5 हजार रुपये के बीच बताई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि शहरी इलाकों में पहले से ही करीब 12 से 15 प्रतिशत घरों में सिलेंडर की देरी या आपात स्थिति में बैकअप के रूप में इंडक्शन कुकटॉप का इस्तेमाल किया जाता है। पानी उबालने, चाय बनाने या जल्दी पकने वाले व्यंजन तैयार करने के लिए यह काफी तेज और सुविधाजनक विकल्प साबित हो रहा है।
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