नोएडा पुलिस का सख्त एक्शन, 20 हजार बदमाशों का तैयार किया डाटा, AI बेस्ड एप यक्ष की ली मदद, गांवों और मोहल्लों की पूरी की गई मैपिंग

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नोएडा पुलिस ने अपराध नियंत्रण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित यक्ष ऐप लागू किया है। इस ऐप में 20 हजार से अधिक अपराधियों, 1073 हिस्ट्रीशीटरों और 189 गैंग का डिजिटल रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। 2009 गांव और मोहल्लों की मैपिंग भी पूरी कर ली गई है।

नोएडा पुलिस अपराध नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक का तेजी से इस्तेमाल कर रही है। इसी दिशा में पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित यक्ष ऐप को लागू किया है। इस ऐप के जरिए अपराधियों, गैंग, हिस्ट्रीशीटर और बीट से जुड़ी जानकारी को डिजिटल रूप में इकट्ठा किया जा रहा है, ताकि अपराधियों पर नजर रखना और कार्रवाई करना आसान हो सके। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस ऐप के लागू होने के बाद अपराध से जुड़े आंकड़े और जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो रही है। इससे पुलिस की निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी और अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई करना संभव हो सकेगा। कमिश्नरेट के तीनों जोन में इस सिस्टम को लागू कर दिया गया है और इसके जरिए तेजी से डेटा अपडेट किया जा रहा है।


2009 गांव और मोहल्लों की डिजिटल मैपिंग पूरी

कमिश्नरेट क्षेत्र में कुल 2009 गांव और मोहल्लों की डिजिटल मैपिंग का काम पूरा कर लिया गया है। इस मैपिंग के जरिए हर इलाके की भौगोलिक और प्रशासनिक जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसका सबसे बड़ा फायदा बीट पुलिसिंग को मिलेगा। किसी घटना या आपात स्थिति में पुलिस को तुरंत पता चल सकेगा कि संबंधित इलाका किस बीट के अंतर्गत आता है और वहां तक पहुंचने का सबसे तेज रास्ता कौन सा है। इससे पुलिस की प्रतिक्रिया समय कम होगा और जरूरतमंद लोगों तक मदद जल्दी पहुंच सकेगी। पुलिस के अनुसार यह व्यवस्था अपराध की रोकथाम और निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगी।


20 हजार से ज्यादा अपराधियों का रिकॉर्ड ऐप में दर्ज

यक्ष ऐप पर गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट के अलग-अलग थानों से जुड़े कुल 20 हजार 537 अपराधियों का विवरण दर्ज किया गया है। इनमें से 19 हजार 931 अपराधियों का सत्यापन भी पूरा कर लिया गया है, जबकि बाकी का सत्यापन अभी चल रहा है। जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी तो सभी अपराधियों की जानकारी डिजिटल रूप में पुलिस के पास उपलब्ध होगी। इससे पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा जिले में इस समय कुल 189 आपराधिक गैंग भी सूचीबद्ध हैं, जिनकी जानकारी भी ऐप में दर्ज की गई है।


1073 हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी भी होगी आसान

कमिश्नरेट के सभी थानों में कुल 1073 हिस्ट्रीशीटर दर्ज हैं। इन सभी हिस्ट्रीशीटरों का विवरण भी यक्ष ऐप पर अपलोड कर दिया गया है। इससे पुलिस को यह पता रहेगा कि कौन-कौन से अपराधी पहले गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं और उनकी मौजूदा गतिविधियां क्या हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक की मदद से अपराध होने से पहले ही संभावित अपराधियों की निगरानी कर कार्रवाई करना आसान होगा। इस पहल को जिले में अपराध नियंत्रण के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।

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