घरेलू गैस न मिलने से अब पति-पत्नियों में कलह शुरू, ग्रेटर नोएडा से आया पहला मामला, सिलेंडर न मिलने से पत्नी लौट गई मायके
- Shiv Kumar
- 17 Mar, 2026
ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा क्षेत्र के भुन्नातगा गांव में रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत अब घरेलू जीवन पर भी असर डालने लगी है। सोमवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे गांव का ध्यान खींच लिया। गैस सिलिंडर न मिलने से नाराज एक महिला अपने पति को छोड़कर मायके चली गई। बताया जा रहा है कि पिछले एक सप्ताह से घर में गैस खत्म थी, जिसके कारण परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। महिला को मजबूरी में लकड़ी और उपलों से खाना बनाना पड़ रहा था, जिससे घर का माहौल लगातार तनावपूर्ण होता जा रहा था।
गैस खत्म होने के बाद बढ़ा विवाद, रोज होती थी कहासुनी
जानकारी के अनुसार, महिला के पति रबूपुरा में ट्रैक्टर चालक के रूप में काम करते हैं और परिवार की जिम्मेदारी संभालते हैं। करीब सात साल पहले दोनों की शादी हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं। एक सप्ताह पहले घर का एलपीजी सिलिंडर खत्म हो गया, जिसके बाद पति ने कई बार गैस एजेंसी से सिलिंडर लेने की कोशिश की, लेकिन किल्लत के चलते गैस उपलब्ध नहीं हो सकी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होने लगा। महिला ने कई बार नाराजगी जताई और साफ तौर पर चेतावनी दी कि अगर जल्द गैस सिलिंडर नहीं आया तो वह ससुराल छोड़ देगी।
नाराज होकर मायके पहुंची महिला, गांव में बनी चर्चा का विषय
पति के बार-बार प्रयास के बावजूद गैस सिलिंडर की व्यवस्था नहीं हो पाई, जिससे नाराज होकर महिला सोमवार को अपने मायके चली गई। जाते समय उसने साफ कहा कि जब तक घर में गैस सिलिंडर नहीं आएगा, वह वापस नहीं लौटेगी। इस घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस की किल्लत के कारण ग्रामीण इलाकों में कई परिवारों को इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे घरेलू विवाद भी बढ़ रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में गैस संकट बना बड़ी समस्या
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे लोगों को मजबूरी में पारंपरिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे न सिर्फ समय और मेहनत बढ़ रही है, बल्कि परिवारों के बीच तनाव भी बढ़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस सिलिंडर की सप्लाई को जल्द से जल्द सुचारु किया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






