पीएम मोदी की रैली को लेकर जेवर में हाई अलर्ट, 1.5 लाख लोगों के जुटने की संभावना, जनसभा के लिए प्रशासन ने की खास तैयारी
- Shiv Kumar
- 21 Mar, 2026
ग्रेटर नोएडा। जेवर में प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। कार्यक्रम में करीब डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों के जुटने का अनुमान है। इस बड़े कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार दोपहर से ही मौके का निरीक्षण करना शुरू कर दिया और पूरे आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए विस्तृत प्लान तैयार किया जा रहा है। इस प्लान को जल्द ही उच्चाधिकारियों की बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। प्रशासन का कहना है कि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पहले से ही डायवर्जन प्लान तैयार कर लिया गया है। साथ ही, सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर रख रही हैं। यह रैली जेवर एयरपोर्ट परियोजना के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
दो अस्थाई एंट्री गेट बनाए जाएंगे, ट्रैफिक प्लान तैयार
फिलहाल एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए दो ही मुख्य मार्ग उपलब्ध हैं—कार्गो विलेज के जरिए पुराना बुलंदशहर रोड और यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ा दिल्ली-मुंबई लिंक एक्सप्रेसवे। इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए एक रूट को रिजर्व रखने की योजना है। ऐसे में भीड़ के सुचारू आवागमन के लिए दयानतपुर और रोही के पास दो अस्थायी एंट्री गेट तैयार किए जा रहे हैं। इन गेटों से पार्किंग तक जाने के लिए सड़क निर्माण का काम भी तेजी से चल रहा है। प्रशासन का फोकस है कि आने-जाने वाले लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो और ट्रैफिक जाम की स्थिति न बने।
कर्मचारियों का वेरिफिकेशन तेज, सुरक्षा में सख्ती
एसीपी सार्थक सेंगर के मुताबिक, कार्यक्रम तय होते ही सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। एयरपोर्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों और इवेंट से जुड़े लोगों का वेरिफिकेशन तेजी से किया जा रहा है। अब तक करीब 6 हजार कर्मचारियों की जांच पूरी हो चुकी है, जबकि बाकी की प्रक्रिया जारी है। बिना वेरिफिकेशन किसी को भी एंट्री नहीं मिलेगी। इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट, आसपास के गांवों और किरायेदारों की भी जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को पहले ही रोका जा सके।
10 पार्किंग स्थल और अलग रूट, वीआईपी मूवमेंट रहेगा सुरक्षित
भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभालने के लिए प्रशासन ने करीब 2000 से ज्यादा वाहनों के लिए 10 पार्किंग स्थल चिन्हित किए हैं। कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने और वापस लौटने के लिए तीन अलग-अलग रूट बनाए गए हैं। इनमें से एक रूट को पूरी तरह वीआईपी मूवमेंट के लिए रिजर्व रखा जाएगा, ताकि किसी तरह की बाधा न आए। वहीं, स्थानीय स्तर पर भी जनसभा को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधि लोगों से संपर्क कर ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाने में लगे हुए हैं।
पीएम मोदी की जेवर एयरपोर्ट रैली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
जेवर एयरपोर्ट रैली को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई भी ढिलाई नहीं बरती जा रही है। प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से एक विस्तृत सुरक्षा प्लान तैयार किया है। रैली स्थल और उसके आसपास के इलाकों में मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया गया है, जिसमें स्थानीय पुलिस के साथ-साथ विशेष सुरक्षा बलों की भी तैनाती की गई है। प्रवेश द्वारों पर कड़ी चेकिंग होगी और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की निगरानी की जाएगी। इसके अलावा ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि कार्यक्रम पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
ट्रैफिक रहेगा नियंत्रित
रैली के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं। भारी वाहनों की एंट्री कुछ समय के लिए प्रतिबंधित रहेगी और कई रूट्स पर डायवर्जन लागू किया जाएगा। लोगों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर देख लें और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें। स्कूल बसों, एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि किसी को दिक्कत न हो। ट्रैफिक पुलिस लगातार मॉनिटरिंग करेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत रूट बदलने का फैसला लिया जाएगा। इस दौरान शहर के मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति न बने, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात रहेगा।
जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन और रैली का महत्व
जेवर एयरपोर्ट परियोजना देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक मानी जा रही है। इस रैली को इस प्रोजेक्ट के एक अहम पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। एयरपोर्ट के बनने से न सिर्फ नोएडा और ग्रेटर नोएडा, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी और क्षेत्र में निवेश को भी बढ़ावा देगी। रैली के जरिए सरकार अपनी योजनाओं और विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने का प्रयास करेगी। यही कारण है कि इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर खास तैयारी की गई है।
जेवर एयरपोर्ट से क्षेत्र को होने वाले फायदे
जेवर एयरपोर्ट परियोजना क्षेत्र के विकास के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। इसके शुरू होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। व्यापार और उद्योग को भी इससे बड़ा फायदा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ने से विदेशी निवेश और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते आसपास के क्षेत्रों का तेजी से विकास होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरपोर्ट आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के विकास का एक बड़ा केंद्र बन सकता है और क्षेत्र को नई पहचान दिला सकता है।
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