नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भांडाफोड़, 50 से ज्यादा लोगों से की ठगी, प्रोसेसिंग के नाम पर लेते थे 55 हजार, 4 गिरफ्तार

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नोएडा के सेक्टर-63 में पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये लोग सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को क्रूज नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करते थे। पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल और डेबिट कार्ड बरामद किए।

नोएडा के सेक्टर-63 क्षेत्र में पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश हुआ है। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को क्रूज पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी नौकरी के नाम पर अलग-अलग बहाने बनाकर मोटी रकम वसूलते थे और फिर संपर्क तोड़ देते थे। इस पूरे मामले में बरामद सामान और आरोपियों की गतिविधियों से यह साफ हुआ है कि यह गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से लोगों को निशाना बना रहा था।


सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर फंसाते थे युवक-युवतियां

पुलिस के अनुसार, आरोपी सेक्टर-63 के एच-90 स्थित एक स्थान पर “सी जोन रिक्यूरमेंट एंड ट्रेनिंग” के नाम से फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। यह गिरोह फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापन डालकर युवाओं को क्रूज पर नौकरी का लालच देता था। आवेदन करने के बाद कॉल सेंटर से जुड़े लोग स्क्रिप्ट के जरिए बातचीत करते और भरोसा जीतने की कोशिश करते थे। एडीसीपी सेंट्रल नोएडा आर के गौतम ने बताया कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से काम करते थे, जिससे पहली नजर में यह पूरी प्रक्रिया असली लगती थी और लोग आसानी से इनके झांसे में आ जाते थे।


मेडिकल, ट्रेनिंग और वीजा के नाम पर वसूली

जांच में सामने आया कि गिरोह युवाओं से पहले मेडिकल फिटनेस चेकअप के नाम पर करीब 10 हजार रुपये लेता था। इसके बाद ट्रेनिंग के नाम पर 45 हजार रुपये और वर्क आर्डर व वीजा दिलाने के नाम पर करीब 25 हजार रुपये वसूल किए जाते थे। यह रकम नकद और बैंक ट्रांसफर दोनों माध्यमों से ली जाती थी। पैसा लेने के बाद आरोपी मोबाइल नंबर बंद कर देते और अपना ऑफिस दूसरी जगह शिफ्ट कर लेते थे, जिससे पीड़ितों के लिए उन्हें ढूंढ पाना मुश्किल हो जाता था।


लैपटॉप, मोबाइल और डेबिट कार्ड बरामद, जांच जारी

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, 9 अलग-अलग बैंकों के डेबिट कार्ड, 12 हजार रुपये नकद, 9 फर्जी ऑफर लेटर, 3 स्क्रिप्ट और कॉलिंग शीट बरामद की हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितिन कुमार, सचिन, अमन कुमार और वीरेन्द्र के रूप में हुई है, जिनकी उम्र 20 से 31 साल के बीच है। पुलिस अब इनके बैंक खातों और अन्य साथियों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

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