नोएडा जमीन अधिग्रहण मामले में HC का बड़ा फैसला, किसानों का मुआवजा 6 से बढ़ाकर किया गया 28.12 रुपये प्रति वर्ग गज

top-news
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा के 1976 के जमीन अधिग्रहण मामले में किसानों को बड़ी राहत देते हुए मुआवजा 6 से बढ़ाकर 28.12 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा के एक पुराने जमीन अधिग्रहण मामले में किसानों को बड़ी राहत देते हुए मुआवजा बढ़ाने का फैसला सुनाया है। यह मामला साल 1976 में किए गए जमीन अधिग्रहण और 1983 में दायर अपील से जुड़ा है। लंबे समय से चल रहे इस विवाद में अब कोर्ट के फैसले से किसानों को आर्थिक रूप से फायदा मिलेगा। सुनवाई के दौरान अदालत ने पहले देरी से दाखिल याचिका को स्वीकार किया और मृत पक्षकारों के वारिसों को शामिल करने की अनुमति दी, जिसके बाद मुख्य मामले पर सुनवाई पूरी की गई।


मुआवजा 6 रुपये से बढ़ाकर 28.12 रुपये प्रति वर्ग गज

मामले के अनुसार, नोएडा ने 1976 में दादरी तहसील के मोरना गांव की जमीन अधिग्रहित की थी। उस समय 1981 में जिला जज ने मुआवजा सिर्फ 6 रुपये प्रति वर्ग गज तय किया था, जिसे किसानों ने कम बताते हुए चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान किसानों के पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के 2022 के एक फैसले का हवाला दिया, जिसमें इसी तरह के मामले में मुआवजा 28.12 रुपये प्रति वर्ग गज तय किया गया था। हाईकोर्ट ने इस तर्क को सही मानते हुए यहां भी मुआवजा बढ़ाकर 28.12 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया।


ब्याज और सोलातियम पर सीमित राहत

हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि यह मामला पुराने कानून के तहत आता है, इसलिए किसानों को ज्यादा सोलातियम और अधिक ब्याज का लाभ नहीं मिलेगा। अदालत ने 15% सोलातियम और 6% सालाना ब्याज देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि 20 मई 1982 से 13 जुलाई 1983 के बीच की अवधि का ब्याज किसानों को नहीं दिया जाएगा। इस फैसले से जहां किसानों को आंशिक राहत मिली है, वहीं पुराने मामलों में मुआवजे को लेकर एक अहम मिसाल भी स्थापित हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *