GBU में जल्द स्थापित होगा हाईटेक रिसर्च सेंटर, सेमीकंडक्टर और स्टेम सेल पर होगा शोध, प्राधिकरण की तरफ से होगा यूनिट का निर्माण

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ग्रेटर नोएडा के गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में हाईटेक रिसर्च सेंटर बनाने की तैयारी है। सेमीकंडक्टर या स्टेम सेल क्षेत्र में बनने वाले इस सेंटर से छात्रों को आधुनिक लैब, इंडस्ट्री एक्सपोजर और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

ग्रेटर नोएडा स्थित Gautam Buddha University में जल्द ही अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर स्थापित करने की तैयारी तेज हो गई है। नोएडा प्राधिकरण एक्सीलेंस सेंटर की तर्ज पर यहां स्टेम सेल या सेमीकंडक्टर चिप में से किसी एक क्षेत्र में रिसर्च सेंटर विकसित करने की योजना बना रहा है। प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि इस प्रस्ताव को जल्द ही बोर्ड बैठक में पेश किया जाएगा। बोर्ड से मंजूरी मिलते ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर निर्माण और संचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस पहल से विश्वविद्यालय में रिसर्च और इनोवेशन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।


सेमीकंडक्टर पार्क को देखते हुए बनाई गई योजना

दरअसल, यमुना सिटी में तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर पार्क को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की गई है। आने वाले समय में यहां बड़ी कंपनियों के निवेश की संभावना है, जिससे हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च का माहौल बनेगा। ऐसे में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत को पूरा करने के लिए यह सेंटर अहम भूमिका निभाएगा। इससे क्षेत्र में टेक्नोलॉजी आधारित विकास को भी बढ़ावा मिलेगा और ग्रेटर नोएडा एक बड़े रिसर्च हब के रूप में उभर सकता है।


स्टूडेंट्स को मिलेगा इंडस्ट्री से जुड़ने का मौका

अधिकारियों के अनुसार, अगर यहां सेमीकंडक्टर चिप रिसर्च सेंटर स्थापित होता है तो स्टूडेंट्स को सीधे इंडस्ट्री के साथ काम करने का मौका मिलेगा। वहीं, स्टेम सेल रिसर्च सेंटर बनने पर बायोटेक्नोलॉजी और मेडिकल साइंस के क्षेत्र में नए शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। इससे छात्रों को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि उन्हें प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस भी मिलेगा, जो उनके करियर के लिए बेहद अहम साबित होगा।


अत्याधुनिक लैब और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

इस रिसर्च सेंटर के जरिए विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक लैब और रिसर्च सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही, देश-विदेश की कंपनियों के साथ काम करने का अवसर भी मिलेगा। इससे स्टूडेंट्स की स्किल डेवलपमेंट होगी और उन्हें बेहतर प्लेसमेंट के मौके मिलेंगे। इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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