ग्रेटर नोएडा को मिलेगा बड़ा रेलवे हब, दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल पर लोड होगा कम, होगा ये बड़ा बदलाव

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ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी में अंतरराष्ट्रीय रेलवे स्टेशन परियोजना को किसानों की सहमति मिलने के बाद बड़ी राहत मिली है। अब 13 प्लेटफॉर्म वाले इस स्टेशन का निर्माण जल्द शुरू होगा, जिससे आनंद विहार पर दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्तर के रेलवे स्टेशन के निर्माण की राह अब पूरी तरह साफ हो गई है। लंबे समय से जमीन अधिग्रहण को लेकर अटकी इस परियोजना को अब रफ्तार मिलने वाली है, क्योंकि किसान जमीन देने के लिए सहमत हो गए हैं। इस फैसले के बाद न सिर्फ नोएडा और ग्रेटर नोएडा को एक बड़ा रेलवे हब मिलेगा, बल्कि दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल पर बढ़ते दबाव को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा। अधिकारियों के मुताबिक, यह परियोजना भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है, जिससे आने वाले समय में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।


13 प्लेटफॉर्म और 267 एकड़ में बनेगा स्टेशन

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बोड़ाकी रेलवे स्टेशन को बड़े स्तर पर विकसित किया जाएगा। योजना के अनुसार, यहां कुल 13 प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे और स्टेशन का क्षेत्रफल करीब 267 एकड़ होगा। इसके लिए करीब 137 एकड़ अतिरिक्त जमीन की जरूरत थी, जिस पर अब सहमति बन गई है। रेलवे और प्राधिकरण मिलकर इस स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करेंगे, ताकि यह सिर्फ एक स्टेशन न रहकर एक बड़े ट्रांसपोर्ट हब के रूप में उभर सके। इस फैसले के बाद अब निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।


1800 परिवारों के पुनर्वास की तैयारी पूरी

परियोजना के चलते प्रभावित होने वाले करीब 1800 परिवारों के पुनर्वास की भी योजना तैयार कर ली गई है। अधिकारियों के अनुसार, किसानों को उनके मौजूदा घर के बराबर जमीन शिव नादर विश्वविद्यालय के पास दी जाएगी, जहां उन्हें बसाया जाएगा। इससे पुनर्वास को लेकर बनी असमंजस की स्थिति अब साफ हो गई है और किसानों के विरोध की संभावना भी काफी कम हो गई है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों को पूरी सुविधाओं के साथ बसाया जाएगा, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


70 से ज्यादा ट्रेनों का संचालन, यात्रियों को राहत

बोड़ाकी स्टेशन के विकसित होने से दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल पर पड़ने वाला दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। यहां से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाली 70 से ज्यादा ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इससे यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें बेहतर विकल्प मिल सकेंगे। इसके अलावा, नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन का विस्तार भी बोड़ाकी तक किया जाएगा, जिससे स्टेशन की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। आने वाले समय में यह स्टेशन मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित हो सकता है।

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