नोएडा में IGL लगाएगी सीबीजी प्लांट, 300 टन कचरे से बनेगी बायोगैस, प्राधिकरण ने दी मंजूरी
- Shiv Kumar
- 08 Apr, 2026
नोएडा में बढ़ते कचरे की समस्या से निपटने के लिए अब बड़ा कदम उठाया गया है। शहर में गीले कचरे के निस्तारण के लिए Indraprastha Gas Limited (आईजीएल) सीबीजी प्लांट लगाएगा, जिसे प्राधिकरण से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। करीब 300 टन क्षमता वाले इस प्लांट पर लगभग 250 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। खास बात यह है कि इस प्लांट से बनने वाली बायोगैस का इस्तेमाल शहर के अंदर ही किया जाएगा, जिससे ऊर्जा के क्षेत्र में भी मदद मिलेगी। यह प्लांट अस्तौली क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा और इससे नोएडा को साफ-सफाई के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन में भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
कचरा प्रबंधन को लेकर तेजी से बढ़ रहे प्रोजेक्ट
नोएडा में फिलहाल करीब 1000 टन प्रतिदिन कचरा निकल रहा है, जो आने वाले समय में 1200 से 1500 टन तक पहुंच सकता है। इसी को देखते हुए प्राधिकरण लगातार नए प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। NTPC Vidyut Vyapar Nigam Limited के साथ 600 टीडीपी कचरे के निपटारे का एग्रीमेंट पहले से ही लागू है, जिसमें करीब 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा 40 टीडीपी क्षमता के छह छोटे प्लांट भी लगाए जा रहे हैं, जिनकी कुल क्षमता 240 टीडीपी होगी। इन सभी प्रयासों का मकसद शहर में बढ़ते कचरे को वैज्ञानिक तरीके से संभालना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है।
नया प्लांट 500 टीडीपी तक बढ़ सकता है, एक ही जगह होगा पूरा निस्तारण
अब प्राधिकरण 300 टीडीपी क्षमता का एक और इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने की तैयारी में है, जिसकी क्षमता आगे बढ़ाकर 500 टीडीपी तक की जा सकती है। यह प्लांट अस्तौली में 16.66 एकड़ जमीन पर बनेगा, जहां गीले और सूखे दोनों तरह के कचरे का एक ही स्थान पर निस्तारण होगा। इस प्रक्रिया से बायोगैस तैयार की जाएगी, जिसे शहर में ही उपयोग में लाया जाएगा। इससे न सिर्फ कचरा कम होगा, बल्कि ऊर्जा का एक नया स्रोत भी तैयार होगा, जो भविष्य में शहर के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
कंपनी उठाएगी कचरा, प्राधिकरण को मिलेगा राहत
इस प्रोजेक्ट की एक खास बात यह भी है कि शहर से कचरा उठाकर प्लांट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कंपनी की ही होगी। इससे प्राधिकरण का ट्रांसपोर्टेशन खर्च काफी हद तक कम हो जाएगा। प्राधिकरण कंपनी को जमीन उपलब्ध करा रहा है, जिससे बड़े स्तर पर कचरा निस्तारण संभव हो सके। वहीं सेक्टर-145 में पड़े करीब 7 लाख टन कचरे के निपटारे के लिए भी कंपनी का चयन कर लिया गया है और जल्द ही वहां काम शुरू होने की उम्मीद है। यह पूरा प्लान नोएडा को साफ और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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