नोएडा में दर्दनाक हादसा, पिकनिक पर गए छात्र की पानी से भरे गड्ढे में डूबकर मौत, मचा मातम

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नोएडा के सेक्टर-94 में पिकनिक मनाने गए एमिटी यूनिवर्सिटी के छात्र की पानी भरे गड्ढे में डूबकर मौत हो गई। एग्जाम खत्म होने के बाद दोस्तों के साथ गया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद शहर में असुरक्षित गड्ढों पर सवाल उठे हैं।

नोएडा में एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। सेक्टर-94 थाना क्षेत्र में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से एक छात्र की मौत हो गई। छात्र अपने दोस्तों के साथ एग्जाम खत्म होने के बाद पिकनिक मनाने गया था, लेकिन खुशियों का यह पल अचानक मातम में बदल गया। घटना बुधवार शाम की है, जब चारों दोस्त गड्ढे में नहा रहे थे। इसी दौरान एक छात्र गहराई में चला गया और डूबने लगा। साथियों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्र को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


एमिटी यूनिवर्सिटी का छात्र था मृतक

पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान 23 वर्षीय हर्षित भट्ट के रूप में हुई है, जो गाजियाबाद का रहने वाला था और एमिटी यूनिवर्सिटी में बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन की पढ़ाई कर रहा था। उसका छठा सेमेस्टर चल रहा था। डीसीपी Saad Miya Khan ने बताया कि एग्जाम खत्म होने के बाद वह अपने तीन दोस्तों के साथ घूमने निकला था। नहाने के दौरान वह अचानक गहराई में चला गया, जिससे यह हादसा हो गया। शुरुआती जांच में मामला डूबने से मौत का लग रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।


दोस्तों की कोशिश भी नहीं बचा सकी जान

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही छात्र डूबने लगा, उसके दोस्तों ने तुरंत उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन गड्ढे की गहराई और पानी के कारण वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद आसपास के लोगों को बुलाया गया और पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने काफी मशक्कत के बाद छात्र को बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।


खुले गड्ढों पर उठे सवाल, सुरक्षा को लेकर चिंता

इस घटना के बाद शहर में खुले और असुरक्षित गड्ढों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे गड्ढे अक्सर हादसों का कारण बनते हैं, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियां इस ओर ध्यान नहीं देतीं। लोगों ने मांग की है कि ऐसे स्थानों को चिन्हित कर सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

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