गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में बड़ा फर्जीवाड़ा आया सामने, 5 करोड़ का घोटाला, तत्कालीन रजिस्ट्रार समेत 12 कर्मचारियों पर केस दर्ज
- Shiv Kumar
- 11 Apr, 2026
ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है, जहां करीब 5 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का मामला उजागर हुआ है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक यह मामला मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के संज्ञान में पहुंचा, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई। यूनिवर्सिटी के वर्तमान रजिस्ट्रार प्रभारी सीके सिंह की शिकायत पर ईकोटेक-1 कोतवाली में 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि छात्रों से जमा कराई गई फीस में गड़बड़ी की गई और बड़ी रकम का हेरफेर किया गया।
फीस के नाम पर किया गया फर्जीवाड़ा
शिकायत के अनुसार, यूनिवर्सिटी में पिछले कुछ वर्षों के दौरान फीस के नाम पर बड़ा घोटाला किया गया। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने छात्रों से ली गई फीस को हड़पने के लिए फर्जी तरीके अपनाए। नकली डिजिटल भुगतान की रसीदें बनाकर उन्हें यूनिवर्सिटी के सॉफ्टवेयर में दर्ज किया गया, जिससे यह दिखाया जा सके कि फीस जमा हो चुकी है। लेकिन जांच में सामने आया कि यह राशि यूनिवर्सिटी के बैंक खाते तक पहुंची ही नहीं। इस तरह सुनियोजित तरीके से लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये का गबन किया गया।
12 आरोपियों पर केस, जांच में बढ़ सकती है रकम
इस मामले में तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. विश्वास त्रिपाठी, वित्त अधिकारी नीरज कुमार, लेखाधिकारी शैलेंद्र कुमार समेत कुल 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल केवल एक साल के दस्तावेजों की जांच में करीब 5 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया है। अगर पूरे पांच साल के रिकॉर्ड की जांच की जाती है, तो यह रकम और भी ज्यादा हो सकती है। इससे साफ है कि मामला काफी बड़ा और गंभीर हो सकता है।
पुलिस जांच में जुटी, जल्द होगी सख्त कार्रवाई
ईकोटेक-1 कोतवाली प्रभारी अरविंद वर्मा के अनुसार, शिकायत के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, जिसमें दस्तावेजों की पड़ताल और आरोपियों से पूछताछ शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने यूनिवर्सिटी की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सभी की नजरें जांच के नतीजों पर टिकी हैं।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






