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गौतमबुद्ध नगर के 11 स्कूलों में लर्निंग सर्वे, कक्षा 3 के बच्चों की पढ़ाई की वास्तविक स्थिति जानने में लगे डीएलएड प्रशिक्षु

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गौतम बुद्ध नगर के 11 स्कूलों में फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी 2026 के तहत सर्वे किया जा रहा है। टैबलेट के जरिए कक्षा 3 के छात्रों की भाषा और गणितीय क्षमता का आकलन किया जा रहा है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।

गौतम बुद्ध नगर जिले के चयनित 11 विद्यालयों में फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी 2026 के तहत एक अहम सर्वे आयोजित किया जा रहा है। यह सर्वे राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निर्देशों और परख संस्था के तहत कराया जा रहा है। इस पहल का मकसद कक्षा 3 के बच्चों की पढ़ाई की वास्तविक स्थिति को समझना है, ताकि उनकी भाषा और गणित की बुनियादी क्षमता का सही आकलन किया जा सके। इस सर्वे के जरिए शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। जिले में पहली बार इस तरह का व्यवस्थित और तकनीकी आधारित आकलन किया जा रहा है, जिससे पूरे सिस्टम को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।


डीएलएड प्रशिक्षु कर रहे हैं छात्रों का आकलन

इस सर्वे में दनकौर स्थित जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान के डीएलएड प्रशिक्षु सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ये प्रशिक्षु स्कूलों में जाकर कक्षा 3 के छात्रों की भाषा और गणितीय दक्षता का मिडलाइन आकलन कर रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, लखनऊ के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षुओं को पहले से ही विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे सटीक और निष्पक्ष तरीके से छात्रों का मूल्यांकन कर सकें। इससे न सिर्फ छात्रों की वर्तमान स्थिति का पता चलेगा, बल्कि आगे की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए भी रणनीति तैयार की जा सकेगी।


पहली बार टैबलेट से ऑनलाइन हो रहा सर्वे

इस बार सर्वे को खास बनाने वाली बात यह है कि इसे पहली बार टैबलेट के जरिए ऑनलाइन कराया जा रहा है। इससे न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि डेटा संग्रह और विश्लेषण की प्रक्रिया भी तेज और सटीक हो गई है। डिजिटल माध्यम से किए जा रहे इस सर्वे में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना भी कम हो जाती है। 9 अप्रैल को डायट परिसर में प्रशिक्षुओं को इस प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया था, जिसमें उन्हें हर पहलू समझाया गया।


अधिकारियों ने किया निरीक्षण, व्यवस्था का लिया जायजा

डायट प्राचार्य अर्चना गुप्ता ने स्वयं इस पूरे सर्वे की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और मौके पर जाकर कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने सुनिश्चित किया कि सर्वे पूरी पारदर्शिता और तय मानकों के अनुसार ही किया जाए। अधिकारियों का कहना है कि इस सर्वे के परिणाम आने के बाद शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए नई योजनाएं बनाई जाएंगी। यह पहल भविष्य में छात्रों के बेहतर शैक्षणिक विकास की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।

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