नोएडा बवाल पर एक्शन, RJD की 2 महिला प्रवक्ताओं पर FIR, गलत वीडियो पोस्ट कर माहौल बिगाड़ने का आरोप
- Shiv Kumar
- 15 Apr, 2026
नोएडा में दो दिन तक चले हिंसक प्रदर्शन के बाद बुधवार को नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिति सामान्य होती नजर आई। अधिकांश फैक्ट्रियां फिर से खुल गईं और कामकाज शुरू हो गया। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जगह-जगह पुलिस बल तैनात है। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है। सेक्टर 63, 84, 85, 80 और फेस-2 जैसे संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया, ताकि लोगों में भरोसा कायम रहे और किसी तरह की अफवाह फैलने से रोका जा सके। रैपिड एक्शन फोर्स और पीएसी की 16 कंपनियां तैनात कर दी गई हैं।
कंपनियों के बाहर सैलरी बढ़ोतरी के नोटिस, कुछ जगह छुट्टी
औद्योगिक क्षेत्रों में कंपनियों के बाहर वेतन बढ़ोतरी से जुड़े नोटिस चस्पा किए गए हैं, जिससे कर्मचारियों को नई दरों की जानकारी मिल सके। हालांकि, कुछ कंपनियों ने एहतियात के तौर पर बुधवार को छुट्टी घोषित कर दी है। कंपनियों के बाहर नोटिस लगाकर कर्मचारियों को सूचित किया गया कि फिलहाल काम बंद रहेगा और आगे की जानकारी पहले ही दे दी जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इससे किसी भी तरह की भीड़ या तनाव को रोका जा सकेगा और हालात पूरी तरह सामान्य बनाए रखे जा सकेंगे।
सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट, दो महिला प्रवक्ताओं पर केस
इस बीच नोएडा साइबर अपराध थाने में राष्ट्रीय जनता दल की दो महिला प्रवक्ताओं कंचना यादव और प्रियंका भारती के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि दोनों ने सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो साझा कर माहौल खराब करने की कोशिश की और कानून-व्यवस्था तथा पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। पुलिस अब इन मामलों की जांच कर रही है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीएम की चेतावनी और अब तक की कार्रवाई
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर कोई आउटसोर्सिंग एजेंसी या उसका कर्मचारी उपद्रव में शामिल पाया जाता है, तो एजेंसी को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। ऐसी स्थिति में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और उसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। गौरतलब है कि सोमवार और मंगलवार को वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन में 80 से ज्यादा जगहों पर पथराव और 350 कंपनियों में तोड़फोड़ की गई थी। इस मामले में अब तक 7 थानों में 1800 लोगों और 4 हैंडलर्स के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि 4 महिलाओं समेत 396 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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