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नोएडा हिंसा पर पुलिस का बड़ा खुलासा, वॉट्सएप ग्रुप से भड़काया गया बवाल

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नोएडा हिंसा पर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाकर श्रमिकों को भड़काया गया। पुलिस अब आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।

नोएडा में श्रमिकों के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने इस मामले में बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि यह बवाल अचानक नहीं हुआ, बल्कि एक विशेष समूह द्वारा सुनियोजित तरीके से माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन से पहले कई व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए थे, जिनके जरिए गलत सूचनाएं फैलाकर श्रमिकों को उकसाया गया।


व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया से फैलाई गई अफवाहें

पुलिस कमिश्नर के अनुसार, इन ग्रुप्स और अकाउंट्स के माध्यम से श्रमिकों को भड़काने के लिए उकसावे भरे संदेश फैलाए गए। उन्हें सड़कों पर उतरने, आगजनी करने और पत्थरबाजी जैसे कृत्यों के लिए प्रेरित किया गया। यह पूरा प्रयास सुनियोजित तरीके से किया गया था ताकि शांतिपूर्ण आंदोलन को हिंसक रूप दिया जा सके। पुलिस अब इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की गहराई से जांच कर रही है और संदिग्ध अकाउंट्स की पहचान की जा रही है।


कासना में पैदल मार्च, श्रमिकों से संवाद

लक्ष्मी सिंह ने कासना थाना क्षेत्र के साइट-5 में पहुंचकर हालात का जायजा लिया। यहां पहले से ही पुलिस द्वारा पैदल मार्च किया जा रहा था और औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों से संवाद स्थापित किया गया। पुलिस का उद्देश्य स्थिति को नियंत्रण में रखना और किसी भी तरह की अफवाह को फैलने से रोकना है। अधिकारियों ने श्रमिकों से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।


उकसाने वालों पर सख्त कार्रवाई के संकेत

सीपी ने साफ तौर पर कहा कि गलत नैरेटिव फैलाने वालों और हिंसा के लिए उकसाने वाले तत्वों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और कई संदिग्धों की पहचान भी की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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