लखनऊ के बाद गाजियाबाद में आग ने मचाई तबाही, 500 झोपड़ियों में एक साथ लगी आग, लगातार सिलेंडर हो रहे ब्लास्ट
- Shiv Kumar
- 16 Apr, 2026
गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनवानी गांव में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग ने देखते ही देखते सैकड़ों झुग्गी-झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर सिलेंडरों में लगातार धमाके हो रहे थे, जिससे हालात और भयावह हो गए। धुएं का घना गुबार करीब 10 किलोमीटर दूर से नजर आ रहा था। आग लगते ही लोग अपने घरों से सामान और गैस सिलेंडर लेकर भागते दिखे। आसपास के रिहायशी इलाकों को भी खाली कराया गया, ताकि आग और आगे न फैल सके। फिलहाल किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन नुकसान काफी बड़ा बताया जा रहा है।
दमकल की कई गाड़ियां मौके पर, घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। शुरुआत में 8 गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए नोएडा, मोदीनगर, लोनी और अन्य इलाकों से भी दमकल की गाड़ियां मंगाई गईं। कुल मिलाकर करीब 22 दमकल गाड़ियां, 3 निजी गाड़ियां और नगर निगम के टैंकर आग पर काबू पाने में लगाए गए। दमकल कर्मियों ने चारों तरफ से घेरकर आग बुझाने की कोशिश की, ताकि यह पास के मकानों तक न पहुंचे। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद करीब 90 प्रतिशत आग पर काबू पा लिया गया है, हालांकि पूरी तरह बुझाने का काम जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अलग-अलग दावे, जांच जारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस जगह आग लगी वहां करीब 500 झुग्गियां थीं, लेकिन प्रशासन के मुताबिक 150 से ज्यादा झुग्गियां प्रभावित हुई हैं। यहां कबाड़ का काम करने वाले लोग रहते थे और उन्हीं की झोपड़ियां जलकर खाक हो गईं। झुग्गी में रहने वाली पिंकी ने बताया कि पीछे खाना बनाने के दौरान आग लगी, जिसने देखते ही देखते पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि आग लगने के असली कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है और प्रशासन इसकी जांच कर रहा है।
प्रशासन सतर्क, नुकसान का आकलन शुरू
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि अगर किसी के लापता होने की सूचना मिलती है तो तुरंत सर्वे कराया जाएगा। फिलहाल प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है और प्रभावित लोगों की सूची तैयार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता यह है कि आग को पूरी तरह बुझाया जाए और आसपास के इलाकों को सुरक्षित रखा जाए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग अपने नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं।
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