नोएडा में गिरफ्तार 66 में 45 श्रमिक नहीं, साजिशकर्ताओं में कुछ महिलाएं भी शामिल, जानें पूरा अपडेट
- Shiv Kumar
- 16 Apr, 2026
नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन के दौरान फैली हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि यह सिर्फ श्रमिकों का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि इसके पीछे अराजकता फैलाने की सुनियोजित साजिश रची गई थी। पुलिस कार्रवाई में अब तक 66 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 45 लोग ऐसे पाए गए हैं जो वास्तविक श्रमिक ही नहीं थे। इन लोगों की भूमिका आंदोलन के नाम पर माहौल बिगाड़ने और हिंसा को बढ़ावा देने की बताई जा रही है। मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं, जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
हिंसा और भड़काने में गैर-श्रमिकों की बड़ी भूमिका
जांच में यह भी सामने आया है कि आगजनी की घटनाओं में चिन्हित 17 लोगों में से 11 को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 8 गैर-श्रमिक हैं। इसके अलावा, लोगों को भड़काने के आरोप में 32 लोगों की पहचान हुई, जिनमें से 19 को पकड़ लिया गया है। पुलिस ने 34 ऐसे लोगों को भी हिरासत में लिया है, जो श्रमिक न होते हुए भी आंदोलन में शामिल होकर स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका नेटवर्क कितना बड़ा है और किन-किन लोगों से जुड़ा हुआ है।
संगठित नेटवर्क और बाहरी कनेक्शन की जांच
साजिश रचने के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके कुछ संगठित नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि इन लोगों के तार बाहरी राज्यों और कुछ संदिग्ध संगठनों से तो नहीं जुड़े हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स के जरिए माहौल को भड़काने की कोशिश भी की गई थी। साथ ही, बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से आई कुछ महिलाओं की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जो हिंसक प्रदर्शन में शामिल लोगों की मदद करती पाई गई हैं।
सरकार की सख्ती से हालात सामान्य, उद्योग फिर पटरी पर
घटना के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए हालात को काबू में कर लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सख्त कदम उठाए गए और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया। श्रमिकों के हित में वेतन वृद्धि की घोषणा के बाद मजदूरों और फैक्ट्री मालिकों ने भी सहयोग किया, जिससे नोएडा में औद्योगिक गतिविधियां फिर से सामान्य हो गई हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की अराजकता या साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
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