नोएडा श्रमिक आंदोलन पर बड़ा खुलासा, पाकिस्तान का निकला फेक न्यूज फैलाने वाला सोशल मीडिया X हैंडल
- Shiv Kumar
- 16 Apr, 2026
नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बड़ा खुलासा किया है। फेस-2 थाने में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर फेक न्यूज फैलाकर माहौल भड़काने की साजिश रची गई थी। जांच में सामने आया है कि ‘प्राउड इंडिया नवी’ और ‘आरुषि तिवारी’ नाम के सोशल मीडिया हैंडल पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे। इन हैंडल्स के जरिए यह झूठी खबर फैलाई गई थी कि पुलिस की गोली से 11 और 14 श्रमिकों की मौत हो गई, जिससे लोगों में आक्रोश फैलाने की कोशिश की गई।
सोशल मीडिया के जरिए भड़काने की साजिश, पुलिस की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, इन फेक पोस्ट्स का मकसद श्रमिकों को भड़काना और हालात को हिंसक बनाना था। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, पुलिस ने तुरंत डिजिटल जांच शुरू की और इन हैंडल्स की लोकेशन ट्रेस की। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की भ्रामक जानकारी से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रण में रखा गया। पुलिस अब इन सोशल मीडिया नेटवर्क्स से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान करने में जुटी है।
अर्बन नक्सल कनेक्शन सामने, दो आरोपी गिरफ्तार
जांच में यह भी सामने आया है कि आंदोलन को भड़काने में कुछ संगठित तत्वों की भूमिका थी। पुलिस ने रूपेश रॉय और मनीषा चौहान को गिरफ्तार किया है, जिन पर श्रमिकों को उकसाने और माहौल बिगाड़ने का आरोप है। वहीं आदित्य आनंद नाम का एक अन्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, ये लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले प्रदर्शनों में सक्रिय रहते हैं और ऐसे आंदोलनों को भड़काने का काम करते हैं।
प्रशासन सतर्क, साजिश नाकाम करने का दावा
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले में एक बड़ी साजिश के संकेत मिले हैं, जिसका उद्देश्य नोएडा जैसे औद्योगिक क्षेत्र में अशांति फैलाना था। हालांकि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से इस साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया। उन्होंने यह भी साफ किया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






