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दिल्ली का इंडस्ट्रियल लोड कम करने के लिए 1976 में रखी गई थी नोएडा की नींव, 50 साल में लिखी विकास की गाथा

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50 साल में नोएडा ने औद्योगिक टाउनशिप से आधुनिक महानगर तक का सफर तय किया है। बेहतर सड़क, मेट्रो, फ्लाईओवर और आईटी सेक्टर के विकास ने शहर को नई पहचान दी है।

दिल्ली के बढ़ते औद्योगिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से साल 1976 में जिस शहर की नींव रखी गई थी, वही नोएडा आज देश के प्रमुख शहरी केंद्रों में गिना जाता है। न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के नाम से शुरू हुआ यह शहर पिछले 50 वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है। शुरुआत में एक औद्योगिक टाउनशिप के तौर पर पहचान रखने वाला नोएडा अब आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर और रियल एस्टेट का बड़ा हब बन चुका है। बेहतर प्लानिंग और लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने इसे देश के सबसे व्यवस्थित शहरों में शामिल कर दिया है।


सड़क, अंडरपास और तकनीक ने बढ़ाई रफ्तार

नोएडा की तेज रफ्तार के पीछे मजबूत सड़क नेटवर्क और आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम की बड़ी भूमिका रही है। शहर में 344 किलोमीटर लंबी चौड़ी सड़कें और 700 किलोमीटर से ज्यादा छोटी सड़कें मौजूद हैं। इसके साथ ही सेक्टर-16, 18, 25, 37, 61, 62, 71, 94, 96, 98, कोंडली और एडवंट जैसे प्रमुख अंडरपास ने ट्रैफिक को काफी हद तक सिग्नल फ्री बनाया है। 2022 में लागू इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत 82 स्थानों पर 1065 कैमरे लगाए गए हैं, जो नियम तोड़ने वालों पर नजर रखते हैं। सेक्टर-94 में बने कंट्रोल रूम से पूरे सिस्टम की निगरानी की जाती है।


मेट्रो और कनेक्टिविटी ने बदली शहर की तस्वीर

नोएडा के विकास में मेट्रो कनेक्टिविटी ने अहम भूमिका निभाई है। 2009 में दिल्ली से सिटी सेंटर तक मेट्रो पहुंची, जिसने शहर को नई रफ्तार दी। इसके बाद 2019 में एक्वा लाइन की शुरुआत हुई, जिससे ग्रेटर नोएडा से कनेक्टिविटी और मजबूत हुई। आज शहर में करीब 47.4 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क है, जिसमें कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण बड़ी संख्या में लोग यहां बसने लगे और रियल एस्टेट सेक्टर को भी मजबूती मिली।


फ्लाईओवर और एक्सप्रेस-वे ने बदला ट्रैफिक सिस्टम

नोएडा के विकास में डीएनडी फ्लाईवे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे, महामाया फ्लाईओवर और फिल्म सिटी फ्लाईओवर जैसे प्रोजेक्ट्स मील का पत्थर साबित हुए। 2017 में शुरू हुआ एलिवेटेड रोड और 2023 में बना पर्थला फ्लाईओवर शहर की आधुनिक पहचान बन चुके हैं। वहीं हाल ही में शुरू हुआ भंगेल एलिवेटेड रोड भी कई सेक्टरों और गांवों के बीच आवागमन को आसान बना रहा है। इन प्रोजेक्ट्स ने न सिर्फ ट्रैफिक जाम कम किया, बल्कि शहर की कनेक्टिविटी को भी नई ऊंचाई दी।


आईटी और हाउसिंग सेक्टर से मिली नई पहचान

विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी और कॉरपोरेट सेक्टर के विस्तार ने नोएडा को नई पहचान दी है। बड़ी कंपनियों के आने से रोजगार के अवसर बढ़े हैं और हाउसिंग की मांग में भी इजाफा हुआ है। आज यहां प्रीमियम हाउसिंग, गेटेड कम्युनिटी और बेहतर सुविधाओं वाले प्रोजेक्ट्स तेजी से विकसित हो रहे हैं। कुल मिलाकर, 50 साल में नोएडा ने जिस तरह से विकास की उड़ान भरी है, वह इसे देश के सबसे उभरते शहरों में शामिल करता है।

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