नोएडा हिंसा के बाद बड़ा एक्शन, हटाए गए DCP-ACP, कई अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

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नोएडा में श्रमिक हिंसा के बाद पुलिस कमिश्नर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए DCP और ACP को हटा दिया। 63 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद को भी पकड़ा जा चुका है।

नोएडा में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा सेंट्रल के डीसीपी शैव्य गोयल और एसीपी उमेश कुमार को उनके पद से हटा दिया है। उनकी जगह एसीपी दीक्षा सिंह को सेंट्रल नोएडा का नया एसीपी बनाया गया है, जबकि शैलेन्द्र सिंह को प्रभारी डीसीपी सेंट्रल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।


लापरवाही पर कार्रवाई, और भी अधिकारियों पर गिरेगी गाज
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि श्रमिक आंदोलन के दौरान पुलिस की प्रतिक्रिया और स्थिति नियंत्रण की समीक्षा की गई थी, जिसमें कई स्तरों पर खामियां सामने आईं। इसी के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने साफ कहा कि लापरवाही या हालात को संभालने में कमी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में कुछ और पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।


63 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य साजिशकर्ता पहले ही पकड़ा गया
पुलिस अब तक इस मामले में 63 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इससे पहले पुलिस ने एक लाख के इनामी आदित्य आनंद को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया है कि आदित्य आनंद ने रूपेश राय और मनीषा के साथ मिलकर श्रमिकों को भड़काया था। तीनों ने 9 और 10 अप्रैल को कई व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर लोगों को उकसाया। आरोपी के खिलाफ थाना फेज-2 में केस दर्ज था और उसकी गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था।


कैसे भड़की हिंसा, कई इलाकों में मचा था उत्पात
दरअसल, 9 अप्रैल से सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे थे। 13 अप्रैल को प्रदर्शन उग्र हो गया और कई इलाकों में हिंसा फैल गई। गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, गाड़ियों में आगजनी की और कई फैक्ट्रियों व दफ्तरों में तोड़फोड़ की। सेक्टर-57, 40, 60 और 85 समेत कई इलाकों में हालात बिगड़ गए थे। स्थिति को काबू करने के लिए RAF और PAC की तैनाती करनी पड़ी।

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