नोएडा में रूमेटिक रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने को लेकर वॉकाथॉन, लोगों ने बढ़ाए कदम

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नोएडा में रूमेटिक बीमारियों को लेकर वॉकाथॉन का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने “हर दर्द दिखाई नहीं देता” संदेश के साथ जागरूकता फैलाई।

नोएडा में रूमेटोलॉजी अवेयरनेस मंथ के तहत रविवार सुबह एक खास पहल देखने को मिली, जब सेक्टर-51 स्थित नोएडा अर्थराइटिस एंड मेडिकल सेंटर से मेघदूतम पार्क तक वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और “हर दर्द दिखाई नहीं देता” थीम के जरिए रूमेटिक बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई इस वॉकाथॉन में डॉक्टरों, मरीजों और आम नागरिकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। आयोजन का मकसद लोगों को यह समझाना था कि जोड़ों का दर्द या थकान जैसी समस्याओं को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है और समय पर जांच बेहद जरूरी है।




जागरूकता की कमी से बढ़ रही समस्या

नोएडा अर्थराइटिस एंड मेडिकल सेंटर की डायरेक्टर डॉ. किरण सेठ ने बताया कि यह आयोजन विशेषज्ञों और संस्थाओं के सहयोग से किया गया, ताकि लोगों को रूमेटिक बीमारियों के प्रति जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग गठिया या जोड़ों के दर्द को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह गंभीर बीमारियों की शुरुआत हो सकती है। रूमेटिक बीमारियां शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ी होती हैं और धीरे-धीरे जोड़ों, मांसपेशियों और हड्डियों को प्रभावित करती हैं। बदलती जीवनशैली, मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी भी इन बीमारियों को बढ़ावा दे रही है।




समय पर पहचान और इलाज बेहद जरूरी

विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार जोड़ों में दर्द, सूजन, सुबह के समय अकड़न और थकान जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। भारत में बड़ी संख्या में लोग रूमेटाइड गठिया और ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी समस्याओं से प्रभावित हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण कई मरीज समय पर इलाज नहीं करा पाते। डॉक्टरों ने बताया कि दवाओं, फिजियोथेरेपी और जीवनशैली में सुधार के जरिए इन बीमारियों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और वजन नियंत्रण जैसे उपाय बेहद कारगर साबित होते हैं।




लोगों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

वॉकाथॉन में शामिल लोगों ने बैनर और स्लोगन के जरिए संदेश दिया कि हर दर्द को हल्के में लेना सही नहीं है। कार्यक्रम में युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। प्रतिभागियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन लोगों को समय रहते सतर्क करते हैं और बीमारियों से बचाव में मददगार साबित होते हैं। आयोजन के दौरान एचएस गौड़, अंकिता सोनी, संतर देवी, लाली देवी, खुशी देवी और सोमित सेठ सहित कई लोग मौजूद रहे।

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