ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सोसायटी में 1.64 करोड़ का वाॅटर बिल, बिल्डर बोला-प्राधिकरण ने भेजा, लोगों में आक्रोश
- Shiv Kumar
- 01 May, 2026
ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित निराला ग्रीनशायर सोसायटी में अचानक करोड़ों रुपये का पानी बिल भेजे जाने के बाद निवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। सोसायटी के लोगों का आरोप है कि बिल्डर प्रबंधन ने करीब 1.64 करोड़ रुपये का पानी का बिल फ्लैट मालिकों पर डाल दिया है और इसे सभी निवासियों में बांटकर वसूली की तैयारी की जा रही है। इस नोटिस के सामने आने के बाद सोसायटी में रहने वाले लोग परेशान हैं और बिल्डर प्रबंधन से जवाब मांग रहे हैं। निवासियों का कहना है कि वे पिछले करीब आठ वर्षों से सोसायटी में रह रहे हैं और नियमित रूप से मेंटेनेंस शुल्क जमा करते आ रहे हैं। बिजली का बिल अलग से भरा जाता है, लेकिन पानी के लिए कभी अलग से कोई शुल्क नहीं लिया गया। ऐसे में अचानक इतनी बड़ी रकम का बिल भेजे जाने से लोग हैरान हैं और इसे गलत बता रहे हैं।
मेंटेनेंस में शामिल था पानी का खर्च, अब अलग से वसूली पर सवाल
सोसायटी के लोगों का कहना है कि अब तक पानी का खर्च मेंटेनेंस शुल्क में ही शामिल माना जाता था। निवासी कपिल ने बताया कि बिल्डर प्रबंधन की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि यह बिल प्राधिकरण की तरफ से आया है और इसका भुगतान सभी फ्लैट मालिकों को करना होगा। हालांकि, लोगों का कहना है कि अगर प्राधिकरण की ओर से बिल जारी हुआ है, तो इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई। निवासियों के मुताबिक कभी पहले इस तरह का कोई भारी-भरकम बिल नहीं आया, इसलिए अब अचानक करोड़ों रुपये की मांग किए जाने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि बिना किसी स्पष्ट जानकारी और हिसाब के इतनी बड़ी राशि निवासियों पर डालना उचित नहीं है। कई फ्लैट मालिकों ने इस पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग की है।
सीमित गंगाजल सप्लाई के बीच भारी बिल पर उठे सवाल
निवासियों ने यह भी बताया कि सोसायटी में गंगाजल की आपूर्ति हाल ही में शुरू हुई है और वह भी सीमित समय के लिए मिल रही है। लोगों के अनुसार सुबह और शाम केवल दो-दो घंटे ही पानी की सप्लाई होती है। ऐसे में करोड़ों रुपये का पानी बिल भेजे जाने से लोग और ज्यादा नाराज हैं। उनका कहना है कि जब पानी की सप्लाई पूरी तरह नियमित भी नहीं है, तब इतनी बड़ी रकम का हिसाब समझ से बाहर है। सोसायटी के कई लोगों ने बिल्डर प्रबंधन से इस बिल का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। वहीं इस मामले में बिल्डर प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका। फिलहाल सोसायटी के लोग इस मुद्दे को लेकर सामूहिक रूप से आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं।
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