ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक, लिए गए अहम निर्णय, ईवी बसों से लेकर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी तक को मिली मंजूरी
- Shiv Kumar
- 02 May, 2026
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक इस बार कई बड़े और अहम फैसलों के चलते खास रही। शनिवार को हुई इस बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए 6048 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे को बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए नई सड़क परियोजनाओं का ऐलान किया गया। बैठक में फ्लैट खरीदारों, आवंटियों और आम लोगों को राहत देने वाले कई फैसले भी लिए गए। पहली बार जल शुल्क में बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला लिया गया, जबकि पानी के बकाए पर ओटीएस योजना भी लागू की गई। इसके अलावा शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए चार रूटों पर 15 इलेक्ट्रिक बसें चलाने को मंजूरी मिली। बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए 100 करोड़ रुपये के हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदने का भी फैसला लिया गया।
गंगा एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट के लिए नई सड़कें
बोर्ड बैठक में दो बड़ी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। पहली परियोजना के तहत ग्रेटर नोएडा की 105 मीटर रोड को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए करीब 15 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में काफी आसानी होगी। दूसरी परियोजना में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के समानांतर छह लेन एलिवेटेड रोड बनाने का निर्णय लिया गया। इससे उद्योगों का सामान सीधे नोएडा एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल तक आसानी से पहुंच सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं से उद्योग, व्यापार और आवागमन तीनों को फायदा मिलेगा।
जल शुल्क में राहत और ओटीएस योजना लागू
इस बोर्ड बैठक में आम लोगों को राहत देने वाला बड़ा फैसला पानी के शुल्क को लेकर लिया गया। वर्ष 2013-14 के बाद पहली बार जल शुल्क में 10 प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी नहीं करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा पानी के बकाएदारों के लिए तीन महीने की एकमुश्त समाधान योजना भी लागू की गई है। इसके तहत 30 जून तक बकाया राशि जमा करने पर ब्याज में 40 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। 31 जुलाई तक 30 प्रतिशत और 31 अगस्त तक 20 प्रतिशत छूट का लाभ दिया जाएगा। प्राधिकरण के मुताबिक सभी श्रेणी के आवंटियों पर करीब 290 करोड़ रुपये का जल बिल बकाया है।
ईवी बसें, ट्रैफिक समाधान और फायर सुरक्षा पर जोर
शहर में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए चार अलग-अलग रूटों पर 15 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का फैसला लिया गया है। इन बसों का संचालन यूपी रोडवेज करेगा और यह सेवा शुरुआती छह महीने के लिए शुरू की जाएगी। वहीं परी चौक और आसपास के क्षेत्रों को जाम मुक्त बनाने के लिए आईआईटी दिल्ली की मदद ली जाएगी। संस्था ट्रैफिक समाधान का पूरा प्लान तैयार करेगी। इसके अलावा बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए 102 मीटर ऊंचाई वाले दो हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदने को मंजूरी दी गई है, जिस पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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