नोएडा एयरपोर्ट से टिकटों की बुकिंग शुरू, 15 जून को पहला विमान भरेगा उड़ान, लखनऊ का किराया 5 हजार

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों के लिए टिकट बुकिंग शुरू हो गई है। 15 जून से इंडिगो की पहली फ्लाइट लखनऊ और बेंगलुरु के लिए उड़ान भरेगी। एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े एविएशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों के लिए टिकटों की बुकिंग गुरुवार से शुरू हो गई है। यात्री अब ‘मेक माय ट्रिप’ समेत अन्य ऑनलाइन पोर्टल पर एयरपोर्ट के ऑफिशियल कोड ‘DXN’ के जरिए टिकट बुक कर सकते हैं। शुरुआत में एयरपोर्ट से इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा एयर अपनी सेवाएं शुरू करेंगी। इनमें सबसे पहले इंडिगो ने अपनी फ्लाइट्स का शेड्यूल जारी कर दिया है। एयरपोर्ट से पहली घरेलू उड़ान 15 जून को शुरू होगी। पहली फ्लाइट लखनऊ से सुबह 7:05 बजे उड़ान भरकर 8:06 बजे नोएडा एयरपोर्ट पहुंचेगी। इस रूट पर यात्रा महज एक घंटे में पूरी हो जाएगी। लखनऊ से नोएडा का किराया 5,492 रुपए और नोएडा से लखनऊ का किराया 5,401 रुपए तय किया गया है। वहीं नोएडा एयरपोर्ट से पहली उड़ान सुबह 8:35 बजे बेंगलुरु के लिए रवाना होगी, जो 11:05 बजे वहां पहुंचेगी।


15 जून से शुरू होंगी आधिकारिक उड़ान सेवाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोकार्पण किया था। एयरपोर्ट के पहले चरण का निर्माण 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में पूरा किया गया है। यहां 3900 मीटर लंबा रनवे, अत्याधुनिक टर्मिनल भवन, एटीसी टॉवर और 30 एकड़ में विकसित कार्गो हब तैयार किया गया है। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के मुताबिक बीसीएएस से एयरोड्रम सुरक्षा कार्यक्रम को मंजूरी मिलने के बाद 15 जून से आधिकारिक उड़ान सेवाएं शुरू करने का फैसला लिया गया है। शुरुआत में इंडिगो एयरलाइन अपनी सेवाएं देगी, जबकि आने वाले समय में अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी यहां से उड़ानें संचालित करेंगी। हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में 17 शहरों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई थी। एयरपोर्ट प्रशासन का दावा है कि आने वाले वर्षों में यह उत्तर भारत का सबसे बड़ा एविएशन हब बनकर उभरेगा।


कनेक्टिविटी और सुविधाओं से बदलेगी यात्रा की तस्वीर

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को यमुना एक्सप्रेस-वे के पास विकसित किया गया है, जिससे ग्रेटर नोएडा और आगरा तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा एयरपोर्ट को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से भी जोड़ा जा रहा है। दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का स्टेशन भी एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित है। वहीं गाजियाबाद से एयरपोर्ट तक 71.1 किलोमीटर लंबे आरआरटीएस कॉरिडोर पर भी काम प्रस्तावित है, जिसमें 11 स्टेशन बनाए जाएंगे। परियोजना पर करीब 16 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। खास बात यह है कि भविष्य में यहां 5 रनवे बनाए जाएंगे और छठे रनवे की भी संभावना रखी गई है। रनवे की संख्या के लिहाज से यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन सकता है। वहीं कुल 52 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में प्रस्तावित यह एयरपोर्ट एरिया के हिसाब से भी एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल होगा।

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