मां, बहुत मार रहे हैं... मोनिका की आखिरी चीखें, जलती चिता से पुलिस ने निकाला शव
- Shiv Kumar
- 09 May, 2026
ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना क्षेत्र में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है। मेरठ निवासी 22 वर्षीय मोनिका की मौत के बाद उसके मायके वालों ने पति और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि बेटी पर करोड़ों की प्रॉपर्टी अपने नाम कराने का दबाव बनाया जा रहा था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। आरोप है कि मौत के बाद ससुराल पक्ष ने शव को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। यह घटना दादरी क्षेत्र के घोड़ी गांव की है। पुलिस ने जली हालत में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
मां को रोते हुए किया था आखिरी फोन
मृतका की मां रेनू नागर ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 2:50 बजे मोनिका का फोन आया था। वह रोते हुए कह रही थी कि पति और ससुराल वाले उसे मार रहे हैं और प्रॉपर्टी अपने नाम कराने का दबाव बना रहे हैं। फोन कटते ही रेनू नागर अपनी बड़ी बेटी और भांजे विवेक चौधरी के साथ घोड़ी बछेड़ा गांव पहुंचीं। आरोप है कि तब तक ससुराल पक्ष मोनिका के शव को फॉर्च्यूनर गाड़ी में रखकर बोडाकी मेट्रो स्टेशन के पीछे ले गया था। वहां चिता तैयार कर शव को जलाने की कोशिश की जा रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने जलती चिता से शव को बाहर निकाला और आग बुझाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। परिवार का कहना है कि शव को जानबूझकर जलाया गया ताकि हत्या के सबूत मिटाए जा सकें।
5 करोड़ की प्रॉपर्टी को लेकर हत्या का आरोप
परिजनों के मुताबिक मोनिका ने 17 फरवरी को अनुज चौहान से कोर्ट मैरिज की थी। रेनू नागर ने बताया कि अनुज ने उनकी बेटी को प्रेमजाल में फंसाया और शादी के बाद प्रॉपर्टी अपने नाम कराने का दबाव बनाने लगा। उन्होंने बताया कि मोनिका के नाम दुजाना और बरौला गांव में करीब 5 करोड़ रुपए की संपत्ति है। आरोप है कि अनुज और उसके पिता हरेंद्र, जो फाइनेंस का काम करते हैं, लगातार प्रॉपर्टी ट्रांसफर कराने का दबाव बना रहे थे। विरोध करने पर मारपीट की जाती थी। भांजे विवेक चौधरी ने बताया कि उन्होंने आरोपियों की गाड़ी का पीछा भी किया था। फॉर्च्यूनर पर धर्मपाल सिंह चौधरी लिखा हुआ था। गैलेक्सी हॉस्पिटल के पास गाड़ी रोकने की कोशिश की गई, लेकिन आरोपी टक्कर मारकर भाग निकले।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ नहीं
एसीपी दादरी प्रशाली गंगवार ने बताया कि शव काफी जल चुका था, इसलिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ पाया है। फिलहाल रिपोर्ट में बर्न इंजरी का जिक्र है और विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। मामले में हत्या, सबूत मिटाने और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।
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