प्राधिकरण के खिलाफ आंदोलन करने की तैयारी में भारतीय किसान यूनियन, अन्य संगठनों को जोड़ने पर जोर, समीक्षा बैठक आयोजित
- Shiv Kumar
- 12 May, 2026
भारतीय किसान यूनियन भानू ने ग्रेटर नोएडा के कनारसी गांव में समीक्षा बैठक आयोजित कर किसानों की समस्याओं और प्राधिकरणों की नीतियों के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई गई। संगठन ने संकेत दिए कि जल्द ही किसानों की मांगों को लेकर व्यापक आंदोलन और दिल्ली कूच की रणनीति तैयार की जाएगी।
किसानों की लड़ाई को मजबूत करने पर जोर
मंगलवार को जिलाध्यक्ष राजकुमार नागर के आवास पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता पश्चिमी उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष तिलक प्रधान ने की। राष्ट्रीय प्रवक्ता मास्टर महकार नागर ने बैठक का संचालन किया। इस दौरान राष्ट्रीय प्रमुख उपाध्यक्ष अजब सिंह कसाना ने कहा कि तीनों प्राधिकरणों की मनमानी के खिलाफ किसानों का बड़ा आंदोलन जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की लड़ाई को मजबूत करने के लिए अन्य किसान संगठनों को भी इस मुहिम से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।
रणनीतिक तरीके से आंदोलन तेज करने की तैयारी
राष्ट्रीय प्रवक्ता मास्टर महकार नागर ने संगठन को मजबूत करने और किसानों की लंबित समस्याओं को लेकर योजनाबद्ध तरीके से संघर्ष तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि 13 से 15 जून तक हरिद्वार में आयोजित होने वाले चिंतन शिविर में ज्यादा से ज्यादा लोग शामिल हों। बैठक में किसानों के मुआवजे, जमीन अधिग्रहण और विकास प्राधिकरणों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
दिल्ली कूच की रणनीति पर लगातार बैठकें
जिलाध्यक्ष राजकुमार नागर ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप और प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप के निर्देशन में संगठन विस्तार अभियान चलाया जा रहा है। किसानों की मांगों को लेकर दिल्ली कूच की रणनीति तैयार करने के लिए लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
सैकड़ों कार्यकर्ता रहे मौजूद
बैठक में संगठन के कई पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर किसानों के हितों की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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