ग्रेटर नोएडा के भनौता में चला प्राधिकण का बुल्डोजर, अवैध निर्माण को किया नष्ट, 80 करोड़ की बताई जा रही संपत्ति

top-news
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भनौता गांव में 40 हजार वर्ग मीटर जमीन पर हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई में करीब 80 करोड़ रुपये कीमत की जमीन कब्जामुक्त कराई गई और लोगों को अवैध कॉलोनियों से सावधान रहने की सलाह दी गई।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने मंगलवार को भनौता गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध अतिक्रमण पर बुल्डोजर चला दिया। प्राधिकरण की टीम ने करीब 40 हजार वर्ग मीटर जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर जमीन को कब्जामुक्त कराया। अधिकारियों के मुताबिक, इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 80 करोड़ रुपये है। बताया गया कि कुछ कॉलोनाइजर यहां अवैध प्लॉटिंग की तैयारी कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल और प्राधिकरण के सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे। बुल्डोजर चलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी तरह का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


दो घंटे तक चली कार्रवाई, कई अवैध निर्माण तोड़े गए

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, ग्राम भनौता के खसरा संख्या 132, 133 और 135 समेत आसपास की जमीन पर अवैध निर्माण और प्लॉटिंग का काम चल रहा था। यह जमीन प्राधिकरण की अर्जित और अधिसूचित भूमि बताई जा रही है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एनजी रवि कुमार के निर्देश पर भूलेख और परियोजना विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। वर्क सर्किल-2 के वरिष्ठ प्रबंधक प्रदीप कुमार के नेतृत्व में कई अधिकारी और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे तक चली इस कार्रवाई में अवैध दीवारें, निर्माण सामग्री और प्लॉटिंग से जुड़े ढांचे हटाए गए। अधिकारियों ने साफ कहा कि दोबारा कब्जा या निर्माण करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


लोगों से जमीन खरीदने से पहले जांच की अपील

प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने लोगों से अपील की है कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले उसकी पूरी जानकारी जरूर लें। उन्होंने कहा कि बिना नक्शा पास कराए या अनुमति लिए निर्माण करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि कई लोग सस्ती जमीन के लालच में अवैध कॉलोनियों में निवेश कर देते हैं और बाद में नुकसान उठाना पड़ता है। इसी वजह से लोगों को प्राधिकरण के भूलेख विभाग से सत्यापन कराने की सलाह दी गई है। प्राधिकरण अब ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रख रहा है और अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *