नोएडा हिंसा मामले में बड़ी कार्रवाई, आरोपी सत्यम वर्मा और आकृति पर लगा एनएसए, पुलिस बोली- साजिश कर भीड़ को भड़काया था
- Shiv Kumar
- 13 May, 2026
नोएडा में 13 अप्रैल को हुए हिंसक प्रदर्शन मामले में पुलिस ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नरेट ने मुख्य आरोपी सत्यम वर्मा और आकृति पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी एनएसए लगा दिया है। इस कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों की कानूनी मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पर शहर की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सुनियोजित तरीके से हिंसा फैलाने के गंभीर आरोप हैं। एनएसए लगने के बाद प्रशासन आरोपियों को लंबे समय तक हिरासत में रख सकता है। मामले को लेकर पुलिस लगातार तकनीकी और खुफिया जांच कर रही थी। अब इस कार्रवाई को हिंसा मामले में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जुटाने का आरोप
पुलिस की विशेष जांच टीम और स्थानीय खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 13 अप्रैल की हिंसा पहले से तय योजना का हिस्सा थी। जांच में सामने आया कि प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया के जरिए लोगों को एकजुट करने का काम किया गया। आरोप है कि सत्यम वर्मा और आकृति ने फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों पर भड़काऊ संदेश फैलाए। पुलिस का कहना है कि इसी के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को मौके पर बुलाया गया। जांच एजेंसियों ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और कई गवाहों के बयान भी जुटाए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन सबूतों से यह साफ हुआ है कि प्रदर्शन के दौरान दोनों आरोपी भीड़ को उकसाने में सक्रिय थे। इसके बाद हालात अचानक बिगड़ गए और हिंसा फैल गई।
पथराव और तोड़फोड़ के बाद बढ़ी थी सख्ती
13 अप्रैल को हुए प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था और पुलिस बल पर पथराव की घटनाएं भी हुई थीं। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया था। पुलिस ने उसी समय कई वीडियो और डिजिटल साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए थे। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान तकनीकी जांच और वीडियो फुटेज के आधार पर की गई। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों ने शहर की शांति व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित करने की कोशिश की। इसी को देखते हुए एनएसए जैसी कड़ी कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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