गौतमबुद्धनगर पुलिस का सराहनीय कार्य, लोन के नाम पर ठगी करने वाले का पर्दाफाश, 6 साइबर ठग गिरफ्तार
- Shiv Kumar
- 14 May, 2026
ग्रेटर नोएडा। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने पीएमईजीपी योजना के तहत सब्सिडी लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना बिसरख पुलिस और साइबर सेल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 18 की-पैड मोबाइल फोन, 6 स्मार्ट फोन और कॉलिंग डेटा से जुड़े 15 रजिस्टर बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को जाल में फंसाकर लाखों रुपये की ठगी करते थे। सभी आरोपियों को सेक्टर-1 स्थित कृष्णा काउंटी टॉवर की छत से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।
सोशल मीडिया विज्ञापन से फंसाते थे लोग
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आधार कार्ड और पैन कार्ड से जुड़े फर्जी विज्ञापन चलाते थे। विज्ञापन पर क्लिक करने वाले लोगों के सामने उनका मोबाइल नंबर आ जाता था। इसके बाद आरोपी खुद को लोन अधिकारी बताकर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी PMEGP के तहत सब्सिडी आधारित होम लोन दिलाने का झांसा देते थे। आरोपी फाइल चार्ज, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर लोगों से 2 से 4 लाख रुपये तक अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराते थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह ने इस तरीके से कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है। आरोपी बार-बार सिम बदलकर और की-पैड मोबाइल का इस्तेमाल कर पुलिस से बचने की कोशिश करते थे।
कर्नाटक के रहने वाले हैं सभी आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धर्मराज राठौर, रवि कुमार, किशन राठौर, अक्षय, किरण नायर और किरण बाबू राठौर के रूप में हुई है। सभी आरोपी कर्नाटक के बीजापुर और विजयपुर क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह का संचालन एक कथित “बॉस” के निर्देश पर किया जाता था, जिससे आरोपी मोबाइल फोन के जरिए संपर्क में रहते थे। ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल डेटा और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों और मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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