नोएडा में ईडी की बड़ी कार्रवाई, महर्षि संस्थान ट्रस्ट के जमीन घोटाले में कई ठिकानों पर छापेमारी, हुए बड़े खुलासे

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ईडी ने SRMF ट्रस्ट की करोड़ों की जमीन फर्जी दस्तावेजों से बेचने वाले नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की। दिल्ली, नोएडा समेत कई ठिकानों पर छापेमारी कर मनी ट्रेल की जांच शुरू की गई है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए संपत्तियों की बिक्री करने वाले एक बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए दिल्ली-एनसीआर और नोएडा समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई स्पिरिचुअल रीजेनेरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया (SRMF) ट्रस्ट की जमीनों की कथित फर्जी बिक्री के मामले में की गई। जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए कई अहम दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में ट्रस्ट की जमीनों को फर्जी पदाधिकारी बनकर और नकली दस्तावेज तैयार कर बेचा गया। ईडी ने 7 मई 2026 को ECIR दर्ज करने के बाद जांच तेज कर दी थी। कार्रवाई के बाद जमीन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है और कई संदिग्ध भूमिगत बताए जा रहे हैं।


फर्जी अथॉरिटी लेटर से बेची गई करोड़ों की जमीन

ईडी की शुरुआती जांच में जी. राम चंद्र मोहन और आकाश मालवीय को इस पूरे नेटवर्क का मुख्य मास्टरमाइंड माना गया है। एजेंसी के मुताबिक दोनों पहले भी छत्तीसगढ़ के एक मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी कथित तौर पर फर्जीवाड़ा जारी रखा गया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी अथॉरिटी लेटर, नकली बोर्ड रेजोल्यूशन और जाली मुहरों का इस्तेमाल कर ट्रस्ट की संपत्तियों को बेचा। दिसंबर 2025 में नोएडा के गेजा तिलपताबाद गांव स्थित 3.3610 हेक्टेयर जमीन, जिसकी सर्किल रेट करीब 33.61 करोड़ रुपये थी, उसे सिर्फ 16 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। आरोप है कि यह सौदा “The Spiritual Regeneration Movement Foundation of India” नाम की फर्जी संस्था बनाकर किया गया। ईडी अब यह भी जांच कर रही है कि इस सौदे में किन-किन लोगों और कंपनियों की भूमिका रही।


दिल्ली, नोएडा और बुराड़ी समेत कई जगहों पर छापेमारी

जांच एजेंसी ने दिल्ली के नारायण विहार, नोएडा और उत्तर दिल्ली के बुराड़ी इलाके में कई ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। जिन लोगों और संस्थाओं के यहां छापेमारी हुई उनमें जी. राम चंद्र मोहन, आकाश मालवीय, सिंहवाहिनी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टर प्रदीप सिंह के नाम शामिल हैं। इसके अलावा राम श्याम के ठिकाने पर भी कार्रवाई की गई। जांच में यह भी सामने आया कि एक ही जमीन को कई खरीदारों को अलग-अलग समय पर बेचने का खेल चल रहा था। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अब तक इस मामले में कम से कम सात एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। ईडी अब पूरे नेटवर्क की मनी ट्रेल, बैंक खातों और संपत्तियों की गहन जांच कर रही है ताकि अवैध कमाई और इसमें शामिल अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।

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