नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा बड़ा कार्गो हब, एयरलाइन कंपनियों के बीच हुआ समझौता, उत्तर भारत में एयर कार्गो नेटवर्क को मिलेगी नई मजबूती

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयर कार्गो हब बनाने के लिए एफकॉम, एआईएसएटीएस और एयरपोर्ट के बीच समझौता हुआ है। इस साझेदारी से उत्तर भारत की लॉजिस्टिक और अंतरराष्ट्रीय कार्गो कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के बड़े एयर कार्गो हब के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। चेन्नई की कार्गो एयरलाइन एफकॉम होल्डिंग लिमिटेड, एयर इंडिया एसएटीएस एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत एफकॉम अपने कार्गो विमानों को नोएडा एयरपोर्ट पर बेस करेगी और यहीं से फ्रेटर सेवाओं का संचालन किया जाएगा। इससे उत्तर भारत में एयर कार्गो नेटवर्क को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। एयरपोर्ट प्रबंधन का मानना है कि इस साझेदारी से व्यापार, लॉजिस्टिक्स और निर्यात गतिविधियों को बड़ा फायदा मिलेगा। आने वाले समय में नोएडा एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय कार्गो संचालन का प्रमुख केंद्र बन सकता है, जिससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।


अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए तैयार होगा नया नेटवर्क

समझौते के तहत तीनों कंपनियां मिलकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों की पहचान करेंगी और कार्गो मांग के अनुसार नेटवर्क विकसित करेंगी। इसके साथ ही एयरपोर्ट पर कार्गो संचालन के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशन और मार्केटिंग रणनीति पर भी संयुक्त रूप से काम किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, आधुनिक कार्गो सुविधाओं के जरिए एक्सपोर्ट-इंपोर्ट गतिविधियों को तेज किया जाएगा। इससे उत्तर भारत के कारोबारियों को भी फायदा मिलेगा, क्योंकि उन्हें तेजी से माल ढुलाई की सुविधा मिल सकेगी। एयरपोर्ट पर विकसित होने वाला कार्गो नेटवर्क इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, कृषि उत्पाद और अन्य उद्योगों के लिए नई संभावनाएं तैयार करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता नोएडा एयरपोर्ट को देश के प्रमुख लॉजिस्टिक केंद्रों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।


एफकॉम के पास तीन बोइंग फ्रेटर विमान, कई देशों तक सेवाएं

एफकॉम फिलहाल तीन बोइंग 737-800 फ्रेटर विमानों का संचालन कर रही है। कंपनी बैंकॉक, यांगून, हनोई, कोलंबो, माले और दुबई समेत कई अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए कार्गो सेवाएं उपलब्ध करा रही है। सामान्य कार्गो के अलावा कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स और खतरनाक वस्तुओं की ढुलाई भी करती है। इस साझेदारी पर प्रतिक्रिया देते हुए किरण जैन ने कहा कि यह कदम नोएडा एयरपोर्ट पर मजबूत एयर कार्गो इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में बेहद अहम है। वहीं रमनाथन राजामणि ने कहा कि भारत में तेजी से बढ़ती ट्रेड और लॉजिस्टिक्स जरूरतों को देखते हुए आधुनिक कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है। माना जा रहा है कि इस पहल से नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।

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